Skip to Content

Friday, August 19th, 2022
अर्का जैन विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन वर्कशॉप में एक हजार प्रतिभागिओं ने भाग लिया

अर्का जैन विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन वर्कशॉप में एक हजार प्रतिभागिओं ने भाग लिया

Be First!
image_pdfimage_print

जमशेदपुर। अर्का जैन यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट द्वारा “रीसेंट ट्रेंड्स एंड स्कोप इन सिविल इंजीनियरिंग” पर ३ दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन वर्कशॉप का आयोजन २-४ जून के बिच किया गया जिसका उद्देश्य देश विदेश के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उद्योग जगत के इंजिनीर्स को एक मंच पर लाने का था। इस वर्कशॉप में देश और विदेश से करीबन एक हज़ार प्रतिभागिओं ने भाग लिया जिनमें ५२२ बी टेक , ११४ डिप्लोमा , २०० शिक्षक, १२९ उद्योग जगत के और २० पिएचडी के छात्रों ने हिस्सा लिया।

वर्कशॉप में ३ दिनों में ६ सेशन हुए। इन सेशन में जिओटेक्नीकल इन्वेस्टीगेशन फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट , डायाफ्राम वाल एंड क्लिनोमीटर ऍप्लिकेशन्स, एप्लीकेशन ऑफ़ बी आयी एम् टेक्नोलॉजी इन कंस्ट्रक्शन, स्मार्ट एंड सस्टेनेबल लीकेज डिटेक्शन इन पाइपलाइन, रोल ऑफ़ क्ले मिनरल इन यूरेनियम रेमेडिएशन, वे टू बिकम स्ट्रक्चरल डिज़ाइन इंजीनियर एंड बीम मॉडलर और इकोसिस्टम ऑफ़ सिविल इंजिनीर्स जैसे विषयों को प्रस्तुत किया गया। वर्कशॉप के मुख्य वक्ता डॉ कन्नन अय्यर (इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड मैनेजमेंट, अहमदाबाद), ऋषि राज (एल एंड डब्लू कंस्ट्रक्शंस, चेन्नई), अहमद खान (शापूरजी पालनजी ग्रुप ऑफ़ कंस्ट्रक्शंस, महाराष्ट्र), हर्षित शुक्ला (क्लेमसन यूनिवर्सिटी,अमेरिका),  अंशुमन सत्पथी (वाशिंगटन यूनिवर्सिटी, संत लुइस, अमेरिका), संदीप पिंगले और श्रद्धा पिंगले (इ कंस्ट्रक्ट डिज़ाइन एंड बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड ) रहे। वर्कशॉप के माध्यम से प्रतिभागिओं को असैनिक अभीयंत्रण के क्षेत्र में हो रहे अनुसन्धान, निर्माण क्षेत्र में उपयोग हो रहे नए तकनीक और कंपनियों द्वारा प्लेसमेंट के वक़्त मांगी जाने वाले कौशल के बारे में जानने का मौका मिला।

इस ऑनलाइन वर्कशॉप के अंत में सारे प्रतिभागियों को इ-सर्टिफिकेट्स दिए गए।

वर्कशॉप के संयोजक श्री कुमार शुभम (सहायक प्राध्यापक, अर्का जैन यूनिवर्सिटी ) का कहना था की लॉक डाउन के वक़्त का विद्यार्थियों को सही तरीके से उपयोग करना चाहिए और देश विदेश में हो रहे ऑनलाइन वर्कशॉप्स और सेमिनार्स में भाग लेकर अपने ज्ञान को बढ़ाना चाहिए।यह वर्कशॉप विद्यार्थियों के करियर विकास में सहायक होगा। उनका यह कहना था की संयोजकों ने इस वर्कशॉप को इस प्रकार डिज़ाइन किया था जिससे प्रतिभागियों को नई तकनीक , अनुसंद्दान और कंस्ट्रक्शन कंपनियों द्वारा प्रयोग में लाये जाने वाले सॉफ्टवेयर्स का ज्ञान प्राप्त हो सके। कुमार ने यह बताया की प्रतिभागियों में ऐन आई टी श्रीनगर, आई आई टी गाँधीनगर, आई आई टी बनारस, निकमार पुणे जैसे टॉप कॉलेजेस के साथ साथ विदेश से फिलीपीन्स, सऊदी अरब, मलेशिया और अमेरिका से भी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने यह भी बताया की बहुत सारे प्रतिभागियों ने फ़ोन कर भविस्य में और ऐसे वर्कशॉप्स कराने का निवेदन किया है।
कुमार ने वर्कशॉप की सफलता का श्रेय अर्का जैन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो डॉ एस एस राज़ी , डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव , डीन डॉ अंगद तिवारी, असिस्टेंट डीन अश्विनी कुमार, सह संयोजक मनिरंजन कुमार,  शतभिषा सिन्हा एवं निवेदन महतो को दिया। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ़ इंजीनियरिंग के शिक्षकों का भी ध्यानवाद किया जिन्हो ने इस वर्कशॉप को सफल बनाने में अहम् योगदान दिया।

 

 

Previous
Next

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*