‘एक शाम मो. रफी के नाम’

img_20181224_213853बोकारो। फिल्म संगीत के प्रख्यात पार्श्वगायक मो. रफी की जयंती पर सोमवार की शाम सेक्टर 12 बी में ‘एक शाम मो. रफी के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गायक अरुण पाठक, रंजू सिंह, रमण कुमार, डॉ राकेश रंजन, अशोक कुमार सिंह, राम शंकर सिंह, अरविंद, मनन, पूर्णेन्दु कुमार सिंह, दीपक राय, लता सिन्हा, बिट्टुजी द्वारा मो. रफी साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन से हुई। इस मौके पर कलाकारों ने फिल्म संगीत में मो. रफी के अवदान की चर्चा करते हुए उन्हें एक महान पार्श्वगायक व नेकदिल इंसान के रुप में याद किया। संगीतज्ञ डॉ राकेश रंजन ने कहा कि रफी साहब की गायकी ने फिल्म संगीत को नया आयाम दिया। उनकी गायकी ने फिल्म संगीत को जन-जन में लोकप्रिय बनाया।

इस कार्यक्रम में बोकारो के कलाकारों ने रफी साहब के गाए कुछ यादगार गीतों को गाकर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी। अरुण पाठक ने ‘जाने बहार हुस्न तेरा बेमिसाल है…’, ‘ दिल का सूना साज तराना ढूंढे़गा, मुझको मेरे बाद ज़माना ढूंढ़ेगा…’, ‘कैसे कटेगी जिंदगी तेरे बगैर…’, ‘मुझे भूल जाना अगर हो सके…’ व रंजू सिंह के साथ युगलगीत ‘याद में तेरी जाग जाग के हम…’, ‘छुप गए सारे नजारे…’ व ‘वादा करले साजना तेरे बिना मैं न…’ की सुमधुर प्रस्तुति से सबका मन जीत लिया। रमण कुमार ने ‘गुलों के रंग…’ व रंजू सिंह के साथ युगलगीत ‘तेरी बिंदिया रे…’, ‘अजहु न आए बालमा…’ व ‘यूं ही तुम मुझसे बात करती हो…, अशोक कुमार सिंह ने ‘ये रेशमी जुल्फें…’ व ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है…’, राम शंकर सिंह ने ‘अकेले हैं चले आओ…’ व ‘आजकल में ढल गया…’ तथा मनन ने ‘छू लेने दो नाजुक होठों को…’ की सुमधुर प्रस्तुति से रफी साहब को श्रद्धांजलि दी।

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