मजीठिया केस : अखबार मालिक अवमानना के दोषी नहीं

supreme-courtसुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू ना करने पर देश के बड़े अखबार समूहों के खिलाफ दाखिल अदालत की अवमानना के मामले में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि अखबार समूहों ने आदेश के बावजूद डिफॉल्ट किया लेकिन ये जानबूझकर नहीं किया इसलिए उनके खिलाफ अवमानना का मामला नहीं बनता. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि वित्तीय घाटा वेज बोर्ड लागू न करने की कोई वजह नहीं. कोर्ट ने इसे लागू करने के लिए जो एक्ट में प्रावधान हैं उसी मशीनरी के तहत मामले का निपटारा करने के आदेश दिए.  मजीठिया आयोग की सिफारिशें सभी रेगुलर और कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मियों पर लागू होंगी.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों के अनुसार नवम्बर 2011 से एरियर और अन्य वेतन परिलाभ देने के आदेश दिए, लेकिन इस आदेश का पालन मीडिया संस्थानों ने नहीं किया.

  1. कोर्ट ने कहा कि अखबार समूहों जानबूझकर डिफॉल्ट नहीं किया
  2. कोर्ट ने यह भी कहा कि वित्तीय घाटा वेज बोर्ड लागू न करने की कोई वजह नहीं
  3. मजीठिया आयोग की सिफारिशें सभी कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मियों पर लागू होंगी

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