सेल-बोकारो प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ किम्स का विशाल आक्रोश प्रदर्शन

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जेएनएस। सेल-बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन मजदूर विरोधी नीति अपनाए हुए है। ऐसा सेल के इतिहास में किसी प्रबंधन के काल में नहीं हुआ। यहां ठेका मजदूरों की हालत तो और भी दयनीय है। एक तरफ जहां ठेका मजदूर मिनिमम वेज को तरस रहे हैं वहीं दूसरी ओर अगर कार्य के दौरान उनके साथ कोई हादसा हो जाता है तो वर्तमान प्रबंधन साजिश कर दुर्घटना को बीमारी घोषित कर मृतक के आश्रितों का भी शोषण करने की नीति पर काम कर रही है। ये बातें क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (एचएमएस) के महामंत्री सह सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कही।

संघ के प्रधान कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ंिसंह ने कहा कि 15 अक्टूबर 2022 को कोक ओवन में नंदकुमार की दुर्घटना को हार्टअटैक बताना प्रबंधन की इसी नीति को दर्शाती है। उस दिन नंदकुमार 15 अक्टूबर को द्वितीय पाली में कोक ओवन में बैटरी नंबर 2 में लीड लुटिंग का कार्य कर रहे थे। रात्रि 9ः45 बजे ओवन टॉप पर ही वो फिसल कर गिर पड़े और गिरने के बाद उनके शरीर का पिछला हिस्सा बुरी तरह से जल गया।

प्लांट मेडिकल ने भी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि स्वर्गीय नंदकुमार बैटरी नंबर 2 पर कार्य करते हुए गिर पड़े साथ ही प्लांट मेडिकल का रिपोर्ट यह भी दर्शाता है कि उनका पल्स, ब्लड प्रेशर और हार्ट सामान्य रूप से काम कर पर कर रहा था। पर प्रबंधन ने दुर्घटना को छिपाने के लिए बीजीएच में नंद कुमार का जलने का इलाज भी नहीं होने दिया जिसके कारण एक और गरीब ठेका मजदूर प्रबंधन की तानाशाही नीति के कारण मौत के मुंह में चला गया।

एस दिन लगभग 11 रात्रि में ही नंद कुमार की मृत्यु हो चुकी थी मगर फिर भी उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर प्रबंधन द्वारा उनको जिंदा बताया जा रहा था। जब यूनियन के लोगों ने बताया कि मशीन तो काम नहीं कर रही है फिर भी आप इनको जिवित कैसे बता रहे हैं, तब लगभग 1 बजे रात्रि में डॉक्टरों ने नंदकुमार को मृत घोषित किया।

इसके बाद मृतक के आश्रितों को मुआवजा एवं नियोजन से वंचित रखने के लिए प्रबंधन के दबाव में डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। जब दिवंगत का पोस्टमार्टम कराया गया तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी साबित कर दिया कि मृतक को बर्न इन्जुरी थी और बर्न के वजह से ही उनका हार्ट अटैक हुआ।

पोस्टमार्टम के समय जनवृत 4 थाना ने भी फर्द बयान में दर्ज किया कि मृतक का पीठ बुरी तरह से जला हुआ है। मगर ये मजदूर विरोधी प्रबंधन सारे रिपोर्टाे को ताक पर रखकर एक गरीब ठेका मजदूर के आश्रित के साथ सरासर अन्याय कर रही है जिसका यूनियन घोर विरोध करती है।

सिंह ने कहा कि, सेल बोकारो प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ यूनियन दिनांक 28 नवम्बर 2022 (सोमवार) को दिन के 1 बजे मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय कोक ओवन पर एक विशाल आक्रोश प्रदर्शन करेगी और मृतक को न्याय एवं हक दिलाने के लिए आगे की रणनीति की घोषणा करते हुए एक समय सीमा निर्धारित करेगी। अगर तय समय सीमा में न्याय नहीं मिला तो कोक ओवन कोँ अनिश्चित काल के लिए बन्द किया जाएगा।

प्रेस वार्ता मे आर के सिंह, शशिभूषण, पी के देव, अरूण कुमार, रमेश राय, मो इरफान मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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