# डीपीएस बोकारो के निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र ‘कोशिश’ के 26वें बैच का शुभारंभ
बोकारो। महिला स्वावलंबन एवं नारी सशक्तिकरण के उद्देश्य से डीपीएस बोकारो द्वारा संचालित निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र ‘कोशिश’ के 26वें बैच का शुभारंभ बुधवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। नए बैच की प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने उन्हें पूरे मनोयोग के साथ प्रशिक्षण लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वे पूरी लगन से सीखें एवं इसका फायदा परिवार की आर्थिक मजबूती व बेहतर जीविकोपार्जन में उठाएं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बनेंगी, तो यकीनन उनका परिवार सुदृढ़ होगा। इस क्रम में प्राचार्य ने पुराने बैच की प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके उज्जवल भविष्य के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
ज्ञातव्य है सामाजिक दायित्वों के तहत डीपीएस बोकारो समाज के अभिवंचित वर्ग के बच्चों के शिक्षार्थ दीपांश शिक्षा केंद्र का भी संचालन करता रहा है। प्राचार्य ने बताया कि शैक्षणिक उत्कृष्टता में नित्य नए आयाम स्थापित करने के अलावा डीपीएस बोकारो सामुदायिक विकास के प्रति भी कटिबद्ध है। ‘कोशिश’ एवं ‘दीपांश’ की प्रभारी डॉ. सरिता गंगवार ने बताया कि नारी सशक्तिकरण के अपने प्रयासों के तहत डीपीएस बोकारो वर्ष 2006 से ‘कोशिश’ का संचालन कर रहा है।
इस कारगर कोशिश के तहत अब तक 600 से अधिक महिलाएं एवं युवतियां यहां से स्वावलंबी हो निकल चुकी हैं। सिलाई-कटाई, हाथ व मशीन से कढ़ाई, खिलौना, बैग, मोमबत्ती आदि बनाने की कला में पारंगत होकर आज ये महिलाएं स्वावलंबी बन अपने परिवार की आजीविका चलाने की अहम धुरी बन चुकी हैं। बहुत सी महिलाएं यहां से कुशल बन खुद का सिलाई केंद्र खोल चुकी हैं, तो कई अपने घर से ही काम कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं।
छह-मासिक प्रशिक्षण पूरा करने वाली विगत बैच की प्रशिक्षुओं में रश्मि, कमला, रिंकू आदि ने बुधवार को बताया कि ‘कोशिश’ से ट्रेनिंग के बाद अब वे अपना व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं। रश्मि ने कहा कि इससे होने वाली कमाई से वह अपनी पढ़ाई का खर्च निकालेगी। विदित हो कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे, जिससे उन्हें किसी भी संस्थान में कार्य मिलने में सहूलियत हो सकेगी।

