बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS-1) विभाग में मंगलवार दोपहर एक बार फिर हादसा हुआ। मरम्मत का काम चल रहा था, तभी अचानक एक इलेक्ट्रिक पैनल में तेज फ्लैश हुआ, जिससे दो कर्मचारी झुलस गए।
प्रत्यक्षदर्शीयों से मिली जानकारी के अनुसार हादसा करीब 3:45 बजे हुआ। झुलसे कर्मचारियों की पहचान देवरथ यादव, जो BSL के स्थायी कर्मचारी हैं, और शक्ति पद वौरी, एक अनुबंध कर्मी के रूप में हुई है। दोनों को तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही BSL के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि फ्लैश रूटीन मरम्मत के दौरान हुआ। प्रबंधन ने कहा है कि घायल कर्मचारियों को पूरा इलाज मुहैया कराया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
BSL: हादसों की लड़ी जारी, सवालों में सुरक्षा व्यवस्था
यह घटना पिछले कुछ महीनों में BSL में हुए कई गंभीर हादसों में एक और कड़ी जोड़ती है।
इस महीने की शुरुआत में ही कोल्ड रोलिंग मिल (CRM) में एक ठेका कर्मी प्रेमचंद उरांव (38) बुरी तरह घायल हो गया था, जब एक शीट कटर उसके पैर पर गिर गया। हादसे में उसके पैर की उंगलियां और हाथ की चार उंगलियां कट गईं।
सितंबर में SMS-2 में क्रेन की रस्सी टूटने से पिघला हुआ लोहा फैल गया और आग लग गई। तीन ठेका कर्मी — बृजेश महतो, प्रवीन और ओमप्रकाश — बुरी तरह झुलस गए। इलाज के दौरान दो की मौत हो गई।
जून में भी SMS-2 में हॉट मेटल फैलने से अफरातफरी मच गई थी। उस समय पांच कर्मचारी झुलसे थे — नंदकिशोर, रूपलाल गोराई, आनंद मंडल, समर कुमार और छोटेलाल मांझी।
मजदूर यूनियन ने मांगी सख्त कार्रवाई
लगातार हो रहे हादसों से मजदूर यूनियनों और सुरक्षा विशेषज्ञों में नाराज़गी बढ़ रही है। उनका कहना है कि ठेका कर्मियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
BSL प्रबंधन का दावा है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है, लेकिन बार-बार हो रहे हादसे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि प्लांट में व्यापक सुरक्षा ऑडिट और निगरानी की सख्त ज़रूरत है।

