अवधी खाने की खुशबू पहुंची दुनिया तक, Lucknow को यूनेस्को की मान्यता
लखनऊ: नवाबों का शहर Lucknow अब अपने बेहतरीन खाने के लिए दुनिया भर में पहचाना जाएगा। यूनेस्को (UNESCO) ने लखनऊ को अपनी क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क (Creative Cities Network) की सूची में ‘गैस्ट्रोनॉमी’ (खानपान कला) श्रेणी में शामिल किया है। यह घोषणा उज्बेकिस्तान के समरकंद में हुए यूनेस्को के 43वें जनरल कॉन्फ्रेंस में की गई।
इस सम्मान के साथ लखनऊ अब दुनिया के 70 गैस्ट्रोनॉमी शहरों में शामिल हो गया है और हैदराबाद के बाद यह दूसरा भारतीय शहर है जिसे यह खिताब मिला है।
From mouth-watering Galouti Kabab to Awadhi Biryani, delectable Chaat & Golgappe, desserts like Makhan Malai & so much more – Lucknow in Uttar Pradesh is a haven for food, enriched in centuries-old traditions.
Lucknow is now recognised by @UNESCO as a Creative City of Gastronomy pic.twitter.com/fXhU6kSeWd
— United Nations in India (@UNinIndia) October 31, 2025
यूनेस्को ने इस बार 58 नए शहरों को नेटवर्क में जोड़ा है, जिससे अब यह सूची 100 से ज़्यादा देशों के 400 से अधिक शहरों तक पहुंच गई है।
लखनऊ की पहचान हमेशा से उसके अवधी खानपान से जुड़ी रही है — चाहे वो गलौटी कबाब हों, कुलचा-कॉम्बो, निहारी, या मटके की बिरयानी। यही समृद्ध और विविध भोजन संस्कृति अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता पा गई है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “लखनऊ का खाना दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यूनेस्को की यह मान्यता हमारे पाक-पर्यटन (culinary tourism) को और मजबूत करेगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न सिर्फ लखनऊ की खानपान परंपरा को आगे बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय शेफ और छोटे उद्यमियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी।
वास्तव में, लखनऊ में खाना सिर्फ स्वाद नहीं, एक कला, परंपरा और संस्कृति की पहचान है — और अब यूनेस्को ने इसे आधिकारिक तौर पर दुनिया के नक्शे पर दर्ज कर दिया है।

