Red Fort Blast: अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर से हुआ धमाका, ‘फिदायीन साजिश’ की आशंका

Red Fort Blast: ‘मदर ऑफ सैटन’ (‘Mother of Satan’) TATP विस्फोटक के इस्तेमाल का शक
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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के दिल को दहला देने वाले लाल क़िला (Red Fort) कार धमाके (Blast) में अब बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में पता चला है कि विस्फोट के लिए अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। सोमवार शाम लाल क़िला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास हुए इस धमाके में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।

गृह मंत्री ने बताया कि, “दिल्ली पुलिस कमिश्नर और स्पेशल ब्रांच मौके पर मौजूद हैं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और नतीजे जनता के सामने रखे जाएंगे।”

Red Fort Blast: ‘फिदायीन’ स्टाइल हमले की जांच शुरू

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह धमाका किसी आतंकी मॉड्यूल की साजिश का हिस्सा हो सकता है। फिदायीन-स्टाइल अटैक की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि पुलिस अभी इस विस्फोट की प्रकृति को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, NIA और NSG की टीमें जांच में जुटी हैं और मामला जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अल-कायदा से जुड़े अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGuH) नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

धमाका शाम 6:55 बजे हुआ, जब एक ह्युंडई i20 कार अचानक फट गई। आग इतनी तेज़ थी कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां और ऑटो रिक्शा भी चपेट में आ गए।

आंखोंदेखे गवाह धर्मेंद्र (ग्रेटर नोएडा निवासी) ने बताया, “मैं सामने वाले फुटपाथ पर खरीदारी कर रहा था, तभी जोरदार धमाका हुआ। कुछ सेकंड में गाड़ियों में आग लग गई और पूरा इलाका धुएं से भर गया।”

 कार के चार मालिक, पर किसी ने नाम ट्रांसफर नहीं कराया

जांच में यह भी सामने आया है कि विस्फोट में इस्तेमाल हुई ह्युंडई i20 (नंबर HR26CE7674) कार ने 2014 से अब तक चार बार हाथ बदले, लेकिन किसी ने भी आरटीओ में ट्रांसफर दर्ज नहीं कराया।

  • पहली बार कार सलमान ने खरीदी थी।

  • फिर उसने इसे देवेंद्र को बेच दिया।

  • देवेंद्र ने कार सोनू को दी।

  • और आखिर में तारीक ने इसे खरीदा।

इनमें से किसी भी सौदे का सरकारी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। जांच में एक फरीदाबाद के कार डीलर का नाम भी सामने आया है, जिससे इन लेन-देन की वैधता पर सवाल उठे हैं।

यह कार 20 सितंबर को फरीदाबाद में देखी गई थी, जिस पर गलत पार्किंग का चालान भी बकाया है।

पुलवामा के डॉक्टर पर शक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार अब पुलवामा के डॉक्टर उमर मोहम्मद के नाम पर है, जो हाल ही में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त अभियान में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जुड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। सोमवार को ही फरीदाबाद से दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था, जो इसी मॉड्यूल का हिस्सा बताए जा रहे हैं।

पूरे देश में हाई अलर्ट

धमाके के बाद देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में वाहनों की सघन जांच की जा रही है।

लाल क़िला इलाका सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम्स हर सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही हैं।

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