नई दिल्ली: लाल किले (Red Fort) ब्लास्ट जांच में NIA को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने कथित मास्टरमाइंड उमर उन नबी के अहम सहयोगी (Co-Conspirator) जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि वानी ने इस पूरे प्लान में तकनीकी दिमाग की भूमिका निभाई।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, अनंतनाग के काजीकुंड निवासी वानी उमर से गहराई तक कट्टरपंथी बन चुका था और सक्रिय साज़िशकर्ता की तरह काम कर रहा था। आरोप है कि उसने ड्रोन में बदलाव, इम्प्रोवाइज़्ड रॉकेट्स पर प्रयोग और ब्लास्ट से पहले तकनीकी सपोर्ट दिया।
10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 31 घायल हुए थे।
यह केस में NIA की दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले एजेंसी ने आमित (अमीर) राशिद को पकड़ा था, जो उस हुंडई i20 कार के साथ देखा गया था जिसमें धमाका हुआ। आरोप है कि वह 29 अक्टूबर को उमर के साथ फरीदाबाद जाकर यही कार खरीदकर लाया था।
उधर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी नौ और लोगों को पकड़ा है, जिनमें तीन डॉक्टर — डॉ. अदील राथर, डॉ. शाहीन शाहिद और मुज़म्मिल शाकिर — शामिल हैं। जांच एजेंसियाँ इस नेटवर्क को “व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल” बता रही हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जुड़े होने की आशंका है।
सूत्रों के अनुसार, यह ग्रुप कई कोऑर्डिनेटेड कार ब्लास्ट करने की तैयारी में था।
फोरेंसिक जांच में यह भी साफ हुआ है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल IED अमोनियम नाइट्रेट और TATP से बनाया गया था — यह वही बेहद खतरनाक विस्फोटक है जिसका उपयोग कई बड़े आतंकी हमलों में होता रहा है।
NIA की कई टीमें अब अलग-अलग राज्यों में नए सुरागों पर काम कर रही हैं।
इसी बीच, वानी की गिरफ्तारी की खबर आते ही उसके पिता बिलाल अहमद वानी ने सोमवार को आत्महत्या कर ली — जिससे मामला और दुखद मोड़ ले चुका है।
कुल मिलाकर, एजेंसियाँ एक ऐसे संगठित और हाई-टेक आतंकी मॉड्यूल पर शिकंजा कस रही हैं, जो बड़े हमलों की तैयारी में जुटा था।

