नई दिल्ली: भारत के प्रतिस्पर्धा नियामक ने देश की प्रमुख स्टील कंपनियों — Tata Steel, JSW Steel और सरकारी कंपनी Steel Authority of India Limited — सहित 25 अन्य कंपनियों पर स्टील की बिक्री कीमतों में आपसी तालमेल कर प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Competition Commission of India (CCI) के एक गोपनीय आदेश में कहा गया है कि इन कंपनियों ने खुले बाज़ार में स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा करने के बजाय कीमतों और आपूर्ति से जुड़े फैसलों में आपसी सहमति से काम किया। यह गतिविधि अलग-अलग चरणों में कई वर्षों तक चली।
Exclusive: India’s competition watchdog has found market leaders Tata Steel, JSW Steel, state-run SAIL and 25 other firms breached antitrust law by colluding on steel selling prices, putting the companies and their executives at risk of hefty fines https://t.co/IdGadgzuWD
— Reuters (@Reuters) January 6, 2026
नियामक के मुताबिक, जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि स्टील कंपनियों ने कीमतें बढ़ाने या स्थिर रखने के लिए समन्वित रणनीति अपनाई, जिससे निर्माण, आवास और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों पर सीधा असर पड़ा। स्टील जैसे अहम कच्चे माल में इस तरह की मिलीभगत से आम उपभोक्ता और उद्योग दोनों प्रभावित होते हैं।
#CCI probe finds #TataSteel, #JSWSteel, #SAIL colluded on steel prices: Reuters reporthttps://t.co/Mc2f8lAlTg
— CNBC-TV18 (@CNBCTV18Live) January 6, 2026
इस मामले में CCI ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिम्मेदार माना है, जिससे साफ है कि जांच की आंच सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं है। यदि अंतिम आदेश में आरोप साबित होते हैं, तो कंपनियों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है।
हालांकि, यह फैसला अभी अंतिम नहीं है। सभी संबंधित कंपनियों और अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा, जिसके बाद CCI अंतिम निर्णय सुनाएगा।
स्टील उद्योग से जुड़े इस बड़े मामले पर उद्योग जगत और निवेशकों की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर पूरे सेक्टर की कीमत नीति और कारोबारी आचरण पर पड़ सकता है।

