
नव ठाकुरीया
जुबीन गर्ग के लाखों प्रशंसकों और अनुयायियों के लिए सिंगापुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पिछले वर्ष 19 सितंबर को सिंगापुर (Singapore) में मशहूर असमिया गायक Zubeen Garg की रहस्यमय मौत हो गई थी। अब वहां की पुलिस ने साफ कर दिया है कि जुबीन की मौत नशे की हालत में समुद्र में तैरते समय डूबने से हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह लाइफ जैकेट पहने बिना पानी में उतरे थे।
दक्षिण-पूर्व एशियाई देश के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार The Straits Times ने 14 जनवरी को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में बताया कि 53 वर्षीय जुबीन ने शराब पी रखी थी और एक यॉट से कूदने से पहले उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। यह घटना लाजरस द्वीप के पास हुई, जहाँ वह पानी में डूब गए। सिंगापुर पुलिस के जांच अधिकारी डेविड लिम ने कोरोनर की अदालत में गवाही देते हुए कहा कि जब दोस्तों ने जुबीन को वापस यॉट पर लौटने के लिए मनाने की कोशिश की, तभी वह अचानक बेहोश हो गए।
कोस्ट गार्ड के जांचकर्ता ने अदालत को बताया कि जुबीन को तुरंत यॉट पर खींच लिया गया और उन्हें होश में लाने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में सिंगापुर जनरल अस्पताल में शाम 5.15 बजे (स्थानीय समय) उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारी ने दोहराया कि मौत का कारण डूबना था। उन्होंने यह भी बताया कि जुबीन 20 सितंबर को सिंगापुर के सनटेक कन्वेंशन एंड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित चौथे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) में प्रस्तुति देने के लिए सिंगापुर आए थे। पुलिस का कहना है कि जुबीन में आत्महत्या की कोई प्रवृत्ति नहीं थी और उन पर किसी तरह का दबाव या ज़बरदस्ती नहीं की गई थी। यॉट के कप्तान ने उन्हें बार-बार लाइफ जैकेट पहनने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, जुबीन के खून में प्रति 100 मिलीलीटर में 333 मिलीग्राम अल्कोहल पाया गया, जो उनके संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता था। सिंगापुर में ड्रिंक-ड्राइविंग की कानूनी सीमा केवल 80 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर है। यॉट के कप्तान ने गवाही में बताया कि मरीना से करीब 15 लोग यॉट पर सवार हुए थे और उनमें से कई पहले से नशे में थे। कप्तान के अनुसार, जुबीन इतना लड़खड़ा रहे थे कि जहाज़ पर चढ़ते समय उनके दोस्तों को उन्हें थामना पड़ा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जुबीन को न तो शराब पीने के लिए और न ही पानी में उतरने के लिए किसी ने मजबूर किया था।
सिंगापुर आयोजन (19, 20, 21 सितंबर 2025) भारत-सिंगापुर राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ और भारत-आसियान पर्यटन वर्ष को चिह्नित किया उत्सव था । भारत की एक भरोसेमंद न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, चौथा NEIF ट्रेंड MMS द्वारा सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग, विदेश मंत्रालय और उत्तर-पूर्वी के राज्य सरकारों के साथ-साथ असम और नॉर्थ ईस्ट इंडिया एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसके पहले NEIF बैंकॉक (2019, 2022) और होचीमिन्ह शहर (2023) में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शक आए थे। इस फेस्टिवल के लिए उत्तर-पूर्वी भारत के कई कलाकारों को आमंत्रित किया गया था, जहाँ ज़ुबीन को एक प्रोमो वीडियो में देखा गया था।
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हालाँकि सिंगापुर पुलिस को जुबीन की मौत में कोई गड़बड़ी नहीं मिली, लेकिन यह मामला असम में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया। असम सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया, जिसने सात लोगों को गिरफ्तार किया। जांच से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए एक पुलिस टीम सिंगापुर भी गई। 12 दिसंबर को 2,500 से अधिक पन्नों का आरोप-पत्र दाख़िल किया गया और मुकदमे की सुनवाई शुरू हो चुकी है।
सिंगापुर से आई रिपोर्ट के बाद, जुबीन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने असम और केंद्र सरकार से अपील की कि सिंगापुर में चल रही अदालती प्रक्रिया पर करीबी नज़र रखी जाए, ताकि ज़रूरी कूटनीतिक और कानूनी हस्तक्षेप किया जा सके। उन्होंने फास्ट-ट्रैक सुनवाई की भी मांग की है, क्योंकि इस मामले में 300 से अधिक गवाह हैं।
इस बीच, कांग्रेस नेता Gaurav Gogoi ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के बयानों की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सिंगापुर के अधिकारी लगातार इसे दुर्घटना बता रहे हैं, तो असम के लोग किस पर भरोसा करें। मुख्यमंत्री शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि असम पुलिस की जांच सिंगापुर पुलिस से अधिक गहन है और राज्य पुलिस ने चार आरोपियों पर हत्या का आरोप तय किया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सिंगापुर की अदालत का फैसला पहले आ जाता है, तो उसका असर भारत में चल रहे मुकदमे पर भी पड़ सकता है। विधानसभा चुनाव से पहले इस संवेदनशील मामले के राजनीतिकरण की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे जुबीन के लाखों प्रशंसकों की न्याय की उम्मीदें और जटिल हो सकती हैं।
(लेखक पूर्वोत्तर भारत के वरिष्ठ पत्रकार)

