Maduro (मैडुरो) की गिरफ्तारी में ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’ (Discombobulator) हथियार इस्तेमाल: Trump का दावा
वॉशिंगटन: अमेरिकी (US) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Trump) ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मैडुरो (Maduro) को पकड़ने के लिए की गई गुप्त कार्रवाई में अमेरिका ने एक बेहद गोपनीय हथियार का इस्तेमाल किया, जिसे उन्होंने “द डिसकॉम्बोबुलेटर” (Discombobulator) नाम दिया है।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि इस हथियार ने वेनेजुएला की सैन्य प्रणालियों को निर्णायक क्षण पर पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया।
“वे अपने रॉकेट भी नहीं चला पाए। उन्होंने बटन दबाए, लेकिन कुछ भी काम नहीं किया,” ट्रंप ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा, “मैं इसके बारे में बात नहीं कर सकता।”
सैन्य सिस्टम फेल, कोई जवाबी हमला नहीं
ट्रंप के अनुसार, इस गुप्त तकनीक ने वेनेजुएला के रडार, मिसाइल सिस्टम और कमांड नेटवर्क को एक साथ निष्क्रिय कर दिया, जिससे अमेरिकी बलों को बिना किसी बड़े टकराव के कराकास में प्रवेश का रास्ता मिल गया।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की सेना पूरी तरह तैयार थी, लेकिन अचानक उनके सभी सिस्टम फेल हो गए।
कराकास में ब्लैकआउट
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिका ने कराकास की बिजली व्यवस्था ठप कर दी, जिससे राजधानी अंधेरे में डूब गई।
“हमने कराकास की लगभग सारी लाइटें बंद कर दीं,” ट्रंप ने कहा, लेकिन यह नहीं बताया कि यह कैसे किया गया।
हथियार को लेकर रहस्य
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि “डिसकॉम्बोबुलेटर” किसी एक हथियार का नाम नहीं, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर या साइबर अटैक टेक्नोलॉजी का कोडनेम हो सकता है, जो बिना बम या मिसाइल चलाए दुश्मन के सिस्टम को ठप कर देती है।
ड्रग कार्टेल पर हमले की चेतावनी
इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दोहराई।
“हमें उनके रास्ते, उनके घर सब पता हैं। हम उन्हें खत्म करेंगे,” ट्रंप ने कहा।
उन्होंने संकेत दिया कि ये ऑपरेशन मेक्सिको समेत उत्तरी अमेरिका तक फैल सकते हैं।
Maduro की गिरफ्तारी के बाद पहली कार्रवाई
इन बयानों के बाद अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत महासागर में एक कथित ड्रग-तस्करी नाव पर हमला किया, जो मैडुरो की गिरफ्तारी के बाद पहली सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।
गोपनीय युद्ध का नया दौर?
हालांकि ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’ को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन ट्रंप के दावे यह संकेत देते हैं कि अमेरिका अब छिपी हुई तकनीकों और डिजिटल युद्ध के नए युग में प्रवेश कर चुका है।


