“हम बलोचिस्तान संभाल नहीं पा रहे, उनके हथियार हमसे ज्यादा आधुनिक हैं” – ख्वाजा आसिफ
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने संसद में एक चौंकाने वाला कबूलनामा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान बलोचिस्तान (Balochistan) में उग्रवाद को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में विफल रहा है। उन्होंने माना कि बलोच विद्रोहियों (BLA) के पास सुरक्षा बलों से भी ज्यादा आधुनिक हथियार हैं।
राष्ट्रीय असेंबली में बोलते हुए आसिफ ने कहा कि बलोचिस्तान के विशाल और दुर्गम भू-भाग के कारण सुरक्षा बलों के लिए हर इलाके में निगरानी और गश्त करना लगभग असंभव हो गया है।
उन्होंने कहा: “इतने बड़े क्षेत्र की निगरानी करना हमारे लिए एक बाधा बन गया है”
#BREAKING: Pakistani Defence Minister Khawaja Asif inside Pakistani National Assembly admits to failure of Pakistan Govt and Army to counter Baloch Rebels in Balochistan. Says, Baloch rebels are using rifles, night vision devices and other equipment that even Pakistani forces… pic.twitter.com/qk5AZK9DBy
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) February 3, 2026
हिंसा में तेज़ उछाल
आसिफ का बयान ऐसे समय आया है जब बलोचिस्तान में अलगाववादी गुटों ने सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले तेज कर दिए हैं।
हालिया हमलों में दर्जनों सुरक्षाकर्मी मारे गए और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे यह इलाका एक बार फिर पाकिस्तान का सबसे अशांत क्षेत्र बन गया है।
“उग्रवादी हमसे ज्यादा सशक्त”
रक्षा मंत्री ने दावा किया कि विद्रोहियों के पास अब महंगे ऑटोमैटिक राइफल्स, थर्मल साइट्स और लेज़र टार्गेटिंग सिस्टम हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये और हजारों डॉलर में है।
उन्होंने स्वीकार किया कि कई मामलों में उग्रवादियों के हथियार सुरक्षा बलों से अधिक उन्नत हैं, जिससे ऑपरेशन में गंभीर कठिनाइयाँ आ रही हैं।
आतंकियों से कोई बातचीत नहीं
आसिफ ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार “आतंकवादी संगठनों” से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगी। उन्होंने विद्रोही गुटों के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने का भी आरोप लगाया।
हालांकि, उनके बयान से पाकिस्तान के भीतर यह बहस तेज हो गई है कि केवल सैन्य कार्रवाई से दशकों पुराने इस संकट का समाधान संभव नहीं है।
दशकों पुराना संघर्ष
बलोच विद्रोह की जड़ें क्षेत्रीय उपेक्षा, संसाधनों के असमान वितरण और राजनीतिक अधिकारों की मांग से जुड़ी हैं। बार-बार सैन्य अभियान चलाने के बावजूद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं।
ख्वाजा आसिफ का यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा संकट की गंभीरता को उजागर करता है।

