ये दौलत भी ले लो ये शोहरत भी ले लो….
Bokaro: सेक्टर 12 में रविवार की देर शाम बोकारो के कलाकारों ने सुर साम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर और मशहूर गज़ल गायक जगजीत सिंह की याद में संगीत संध्या आयोजित कर उन्हें स्वरमयी श्रद्धांजलि दी। स्वरागिनी म्यूजिकल ग्रुप के बैनर तले लताजी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में और जगजीत सिंह जी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने संगीत के क्षेत्र में इन दोनों महान विभूतियों के योगदान को अविस्मरणीय बताया। सुप्रसिद्ध गायक अरुण पाठक ने कहा कि फिल्म संगीत को अपनी अप्रतिम आवाज व बेमिसाल गायकी से सजाने के लिए लता जी सदैव आदर के साथ याद की जाएंगी।
इसी तरह गज़ल गायकी में खास मुकाम हासिल करने वाले जगजीत सिंह भी संगीत प्रेमियों की यादों में रहेंगे। गायक रमण चौधरी, सोमेश मिश्रा, गायिका रंजू सिंह, स्पंदन सिंह व उद्घोषक पूर्णेन्दु कुमार सिंह ने भी फिल्म संगीत को पुष्पित व पल्लवित करने में लता जी के योगदान व गज़ल गायकी में जगजीत सिंह जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि जब तक संगीत है लताजी और जगजीत सिंह जी अपनी गायकी के लिए याद किए जाएंगे। इस मौके पर कलाकारों ने इन दोनों कलाकारों के गाए कुछ यादगार गीतों को गाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
अरुण पाठक ने लता जी के गाए गीत ‘अगर मुझसे मुहब्बत है मुझे सब अपने गम दे दो…’, ‘हम तेरे प्यार में सारा आलम खो बैठे हैं…’, ‘तुम्हें देखती हूं तो लगता है ऐसे….’ व जगजीत सिंह के गाए ‘ये दौलत भी ले लो ये शोहरत भी ले लो…’, ‘होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो…’ व रंजू सिंह के साथ युगलगीत ‘किसी राह में किसी मोड़ पर कहीं चल ना देनो तू छोड़कर…’ सुनाकर समां बांध दिया। स्पंदन सिंह ने ‘अरे रे अरे ये क्या हुआ…’, रंजू सिंह ने ‘बात मुद्दत उन्हें देखकर..’, ‘अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दे..’, ‘अजीब दास्तां है ये..’, ‘तूने ओ रंगीले कैसे जादू किया..’, रमण चौधरी ने ‘तुझसे नाराज नहीं ज़िंदगी…’, ‘झुकी झुकी सी नज़र…’, ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया…’, ‘तेरे आने की जब खबर महके…’, ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है…’, सोमेश मिश्रा ने ‘हम तो हैं परदेश में देश में निकला होगा चांद…’, ‘रुके-रुके से कदम..’ व रंजू सिंह के साथ युगलगीत ‘मैं ना भूलूंगा…’ की भावपूर्ण प्रस्तुति की।

