India और France ने HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड हथियार के भारत में निर्माण पर समझौता किया है। BEL-Safran संयुक्त उद्यम से राफेल की मारक क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता को बड़ा बल मिलेगा।
भारत (India) और फ्रांस (France) ने मंगलवार को उन्नत HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड हथियार प्रणाली के भारत में निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते को औपचारिक रूप दिया। यह कदम दोनों देशों की गहराती सामरिक साझेदारी और भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान को बड़ा बल देने वाला माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बैठक के दौरान हुए इस समझौते के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और सैफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के बीच एक संयुक्त उद्यम स्थापित किया जाएगा, जो भारत में HAMMER एयर-टू-ग्राउंड म्यूनिशन का उत्पादन करेगा। अधिकारियों ने इसे भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
BEL–Safran संयुक्त उद्यम: क्या है योजना
समझौते के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- BEL और सैफ्रान भारत में एक प्राइवेट लिमिटेड संयुक्त कंपनी बनाएंगे।
- संयुक्त उद्यम HAMMER गाइडेंस किट के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगा।
- यह इकाई निर्माण, आपूर्ति, रखरखाव और मरम्मत का कार्य संभालेगी।
- प्रणाली का उपयोग राफेल और राफेल-एम जैसे प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा।
- समय के साथ स्थानीयकरण स्तर लगभग 60% तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
संभावना है कि यह सुविधा पुणे में स्थापित की जाएगी, जिससे भारत की उन्नत एयरोस्पेस विनिर्माण क्षमता को बल मिलेगा।
क्या है HAMMER हथियार प्रणाली
HAMMER (Highly Agile Modular Munition Extended Range), जिसे तकनीकी रूप से AASM (Armement Air-Sol Modulaire) कहा जाता है, फ्रांस द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक एयर-टू-ग्राउंड प्रिसिजन हथियार है।
यह पारंपरिक मिसाइल नहीं है, बल्कि एक मॉड्यूलर किट है जो सामान्य “डम्ब” बमों को स्मार्ट, सटीक-मारक हथियार में बदल देती है।
मुख्य घटक
- लक्ष्य निर्धारण के लिए नोज-माउंटेड गाइडेंस सेक्शन
- रेंज बढ़ाने के लिए टेल-माउंटेड रॉकेट बूस्टर और विंगलेट्स
2007 के पेरिस एयर शो में पहली बार प्रदर्शित यह प्रणाली 2011 में HAMMER नाम से जानी गई और मध्यम दूरी की उच्च-सटीकता वाली हथियार प्रणाली के रूप में वर्गीकृत है।
प्रमुख विशेषताएं
- लगभग 70 किमी तक मारक क्षमता
- 250, 500 और 1,000 किलोग्राम बमों के साथ संगत
- इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से काफी हद तक सुरक्षित
- फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक
- स्थिर और गतिशील दोनों लक्ष्यों पर सटीक वार
- पहाड़ी इलाकों और मजबूत बंकरों पर प्रभावी
इसकी मॉड्यूलर बनावट इसे क्लोज एयर सपोर्ट से लेकर डीप-स्ट्राइक मिशनों तक बेहद लचीला बनाती है।
भारतीय सेवा में साबित क्षमता
HAMMER प्रणाली पहले से भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों में एकीकृत है। पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसके उपयोग ने इसकी सटीकता और विश्वसनीयता को प्रदर्शित किया था।
सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इसकी स्वायत्त गाइडेंस और जैमिंग-रोधी क्षमता ने मजबूत आतंकी ठिकानों पर प्रभावी प्रहार संभव बनाया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, HAMMER का भारत में निर्माण कई रणनीतिक लाभ देगा:
- वायुसेना और नौसेना की सटीक प्रहार क्षमता में वृद्धि
- विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता में कमी
- रखरखाव और आपूर्ति समय में सुधार
- भारत-फ्रांस रक्षा औद्योगिक साझेदारी मजबूत
- मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को गति
बड़ा संकेत
HAMMER उत्पादन समझौता हालिया भारत-फ्रांस वार्ताओं के प्रमुख परिणामों में से एक है, जो रक्षा क्षेत्र में को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन की दिशा में बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।
HAMMER का ‘Made in India’ होना न केवल भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई गति देगा, बल्कि देश की सटीक हवाई मारक क्षमता को भी महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेगा।


