Bokaro में BSL की जमीन पर भूमाफिया (Land Mafia) का खेल? अधिगृहीत भूमि की खरीद-बिक्री के आरोप, कई जगहों पर कार्रवाई की तैयारी

Bokaro में BSL की जमीन पर भूमाफिया (Land Mafia) का खेल? अधिगृहीत भूमि की खरीद-बिक्री के आरोप, कई जगहों पर कार्रवाई की तैयारी
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by Anil Chandra

Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) की अधिगृहीत जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री और अतिक्रमण को लेकर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। आरोप है कि कुछ भूमाफिया (Land Mafia) स्थानीय स्तर पर मिलीभगत कर विस्थापितों से अधिगृहीत BSL की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने और उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार, हसबातू पंचायत के हीरटांड़ समेत कुछ इलाकों में कंपनी की अधिगृहीत जमीन की कथित खरीद-बिक्री के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में दस्तावेजों की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

दो एकड़ जमीन पर चहारदीवारी, BSLने दिया नोटिस

चास प्रखंड के झोपरो मौजा में करीब दो एकड़ अधिगृहीत जमीन के चारों ओर पक्की चहारदीवारी बनाने के मामले में ठैस् ने जगत पति सिंह को नोटिस जारी किया है।

कंपनी ने 17 अगस्त को चहारदीवारी पर नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह के भीतर निर्माण हटाने का निर्देश दिया। BSL प्रबंधन का दावा है कि संबंधित जमीन पूरी तरह कंपनी के स्वामित्व में है और चहारदीवारी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खड़ी की गई है।

काली मंदिर से सेक्टर-11 तक भी शिकायतें

BSL अधिकारियों के अनुसार, भतुआ पंचायत के काली मंदिर के आसपास तथा सेक्टर-11 से Damoder Bridge जाने वाली सड़क के किनारे भी कई जगहों पर कथित रूप से ठैस् की जमीन की खरीद-बिक्री कर चहारदीवारी बनाए जाने की जानकारी मिली है।

इन मामलों को लेकर Estate Court में कार्रवाई शुरू की गई है। कंपनी के अनुसार, अदालत का आदेश मिलने के बाद संबंधित अवैध चहारदीवारियों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

रामडीह मोड़ की जमीन भी जांच के घेरे में

बीएसएल अब सेक्टर-9 के पास रामडीह मोड़ इलाके की जमीन की भी जांच करेगा। यदि जांच में कोई मकान या चहारदीवारी BSL की अधिगृहीत जमीन पर पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जमीन खरीदारों को BSL की सावधानी की सलाह

प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जमीन की खरीद से पहले स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और सभी कानूनी दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच कर लें।

प्रबंधन का कहना है कि बीएसएल की अधिगृहीत जमीन से जुड़ी कथित अवैध खरीद-बिक्री में शामिल होना खरीदारों को कानूनी कार्रवाई और भारी आर्थिक नुकसान के जोखिम में डाल सकता है।

अधिगृहीत जमीन पर बढ़ती गतिविधियों ने बोकारो में जमीन के कारोबार और दस्तावेजों की सत्यता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब ठैस् की जांच और म्ेजंजम ब्वनतज की आगे की कार्रवाई पर नजर है।

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