News Desk: Union Budget 2026 के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (NIFTY) दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मार्केट सूत्रों के अनुसार, बजट के बाद निवेशकों को करीब ₹16 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
बाजार की यह गिरावट मुख्य रूप से सरकार द्वारा डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने और निवेशकों की उम्मीदों पर खरा न उतरने वाले बजट प्रस्तावों के कारण आई।
गिरावट के प्रमुख कारण
1. डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर STT बढ़ना
सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया है:
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फ्यूचर्स: 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
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ऑप्शंस: बढ़ाकर 0.15% तक
इससे ट्रेडिंग की लागत बढ़ गई, जिससे हाई-वॉल्यूम ट्रेडर्स और ब्रोकरेज कंपनियों में घबराहट फैल गई।
2. ट्रेडिंग महंगी होने से बिकवाली
टैक्स बढ़ने के बाद निवेशकों ने तेजी से अपने सौदे बंद किए, जिससे सभी सेक्टर्स में भारी बिकवाली शुरू हो गई।
3. विदेशी निवेश को लेकर निराशा
बाजार को उम्मीद थी कि बजट में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए बड़े प्रोत्साहन मिलेंगे, लेकिन ऐसा न होने से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।
4. मुनाफावसूली
बजट से पहले बाजार में अच्छी तेजी थी। जब बजट उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, तो निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी।
5. तकनीकी कारण और घबराहट
महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल टूटने के बाद ऑटोमैटिक ट्रेडिंग और घबराहट के कारण गिरावट और तेज हो गई।
बाजार पर असर
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सेंसेक्स में एक दिन में 2,300 से ज्यादा अंकों की गिरावट
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निफ्टी भी प्रमुख स्तरों से नीचे चला गया
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₹16 लाख करोड़ का मार्केट कैप साफ हो गया
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है। बजट में लंबी अवधि के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थ सेक्टर पर जोर दिया गया है, लेकिन टैक्स बढ़ोतरी से अल्पकालिक निवेशकों में घबराहट फैल गई।
निष्कर्ष
सेंसेक्स की गिरावट यह दिखाती है कि बाजार नीतिगत फैसलों के प्रति कितना संवेदनशील है। लंबे समय में बजट के सकारात्मक असर दिख सकते हैं, लेकिन फिलहाल निवेशकों की भावना कमजोर हुई है।

