पैक्स सिलिका पहल में शामिल होगा भारत, वैश्विक टेक राजनीति में बड़ी छलांग
नई दिल्ली: भारत (India) जल्द ही अमेरिका (US) के नेतृत्व वाली Pax Silica पहल का हिस्सा बनने जा रहा है। यह कदम भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर (Semiconductor), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत तकनीक की सप्लाई चेन में एक अहम भूमिका दिलाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की तकनीकी ताकत और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव दोनों मजबूत होंगे।
अमेरिकी राजनयिक Sergio Gor के अनुसार, भारत की भागीदारी यह दिखाती है कि दुनिया की प्रमुख ताकतें भारत को भरोसेमंद टेक पार्टनर मान रही हैं।
“The US launched (a new initiative) just last month called PaxSilica — a US-led strategic initiative to build a secure and innovation-driven silicon supply chain. I am pleased to announce that India will be invited to join PaxSilica as a full member next month…” says Sergio Gor… pic.twitter.com/vAT5mPNZuq
— WION (@WIONews) January 12, 2026
पैक्स सिलिका क्या है?
पैक्स सिलिका एक वैश्विक तकनीकी पहल है, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर, AI, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाना है।
इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य की अहम तकनीकें कुछ गिने-चुने देशों पर निर्भर न रहें, बल्कि साझेदारी के जरिए विकसित हों।
भारत को क्या फायदा होगा?
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सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा: चिप निर्माण और डिजाइन में भारत की क्षमता मजबूत होगी।
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नई तकनीक तक पहुंच: AI और एडवांस कंप्यूटिंग में वैश्विक सहयोग बढ़ेगा।
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निवेश और रोजगार: विदेशी निवेश बढ़ने से टेक सेक्टर में नए रोजगार पैदा होंगे।
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वैश्विक पहचान: भारत को तकनीकी महाशक्ति के रूप में नई पहचान मिलेगी।
दुनिया और साझेदार देशों पर असर
पैक्स सिलिका से वैश्विक टेक सप्लाई चेन ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होगी।
साझेदार देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ेगा और भविष्य की तकनीकों पर मिलकर काम करने का रास्ता खुलेगा। यह पहल दुनिया में एक नए, संतुलित और भरोसेमंद टेक सिस्टम की नींव रखेगी।
आगे की राह
पैक्स सिलिका में भारत की एंट्री को टेक कूटनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यह कदम भारत को सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक टेक भविष्य का निर्माता बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

