Lucknow बना UNESCO का ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’, नवाबी जायके को मिला विश्वस्तरीय सम्मान

Lucknow बना UNESCO का ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’, नवाबी जायके को मिला विश्वस्तरीय सम्मान
70 / 100 SEO Score

 

अवधी खाने की खुशबू पहुंची दुनिया तक, Lucknow  को यूनेस्को की मान्यता

लखनऊ: नवाबों का शहर Lucknow अब अपने बेहतरीन खाने के लिए दुनिया भर में पहचाना जाएगा। यूनेस्को (UNESCO) ने लखनऊ को अपनी क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क (Creative Cities Network) की सूची में ‘गैस्ट्रोनॉमी’ (खानपान कला) श्रेणी में शामिल किया है। यह घोषणा उज्बेकिस्तान के समरकंद में हुए यूनेस्को के 43वें जनरल कॉन्फ्रेंस में की गई।

इस सम्मान के साथ लखनऊ अब दुनिया के 70 गैस्ट्रोनॉमी शहरों में शामिल हो गया है और हैदराबाद के बाद यह दूसरा भारतीय शहर है जिसे यह खिताब मिला है।

यूनेस्को ने इस बार 58 नए शहरों को नेटवर्क में जोड़ा है, जिससे अब यह सूची 100 से ज़्यादा देशों के 400 से अधिक शहरों तक पहुंच गई है।

लखनऊ की पहचान हमेशा से उसके अवधी खानपान से जुड़ी रही है — चाहे वो गलौटी कबाब हों, कुलचा-कॉम्बो, निहारी, या मटके की बिरयानी। यही समृद्ध और विविध भोजन संस्कृति अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता पा गई है।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “लखनऊ का खाना दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यूनेस्को की यह मान्यता हमारे पाक-पर्यटन (culinary tourism) को और मजबूत करेगी।”

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न सिर्फ लखनऊ की खानपान परंपरा को आगे बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय शेफ और छोटे उद्यमियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी।

वास्तव में, लखनऊ में खाना सिर्फ स्वाद नहीं, एक कला, परंपरा और संस्कृति की पहचान है — और अब यूनेस्को ने इसे आधिकारिक तौर पर दुनिया के नक्शे पर दर्ज कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *