New Delhi: लोकसभा अध्यक्ष (Lok Sabha) ओम बिरला (Om Birla) ने अपने खिलाफ विपक्षी सांसदों द्वारा दायर अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस (No-Confidence Notice) में पाई गई प्रक्रियागत कमियों को दूर करने के लिए लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिए हैं। संसदीय सूत्रों के अनुसार, नोटिस में कुछ तकनीकी त्रुटियां चिन्हित की गई थीं, जिन्हें नियमों के आधार पर खारिज भी किया जा सकता था, लेकिन अध्यक्ष ने उन्हें दुरुस्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने को कहा है।
सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दलों ने नोटिस में पिछले वर्ष फरवरी की चार घटनाओं का उल्लेख किया था, जिनके आधार पर इसे नियमों के तहत अस्वीकार किया जा सकता था। इसके बावजूद, अध्यक्ष ने मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और स्थापित संसदीय प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा महासचिव को सौंपा गया यह नोटिस बजट सत्र के दूसरे चरण में विचारार्थ लिया जाएगा। संसद का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक निर्धारित है।
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष ने सदन के संचालन में पक्षपातपूर्ण रुख अपनाया। इस नोटिस पर कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और वाम दलों सहित कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए।
इस बीच, ओम बिरला ने नैतिक आधार पर निर्णय लिया है कि उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने तक वे सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे।

