परीक्षा का तनाव नहीं, सफलता का उत्सव मनाएं

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समय-प्रबंधन, रिवीजन और सेहत के साथ-साथ अच्छी नींद का भी रखें ध्यान

डॉ. ए. एस. गंगवार
सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर एवं प्राचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो

परीक्षा के तनाव से कैसे बचें? डॉ. ए. एस. गंगवार के अनुसार टाइम मैनेजमेंट, रिवीजन, हेल्दी लाइफस्टाइल और अच्छी नींद से छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

वार्षिक परीक्षाओं के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है। जाहिर है, विद्यार्थी इन दिनों पढ़ाई के दबाव में होंगे, लेकिन यही वह समय है जब विद्यार्थियों को और अधिक तनावमुक्त रहकर तथा आनंदित वातावरण में पढ़ाई करने की जरूरत है। न तो तनाव लेने की आवश्यकता है और न ही अत्यधिक दबाव झेलने की।

सबसे पहली और जरूरी चीज है टाइम मैनेजमेंट। समय का समुचित प्रबंधन कर पढ़ाई करें। यह समय अधिक से अधिक रिवीजन करने का है। पढ़ाई में यह आवश्यक है कि आपका कॉन्सेप्ट स्पष्ट हो। रट्टा मारकर याद करने की बजाय जब आपका कॉन्सेप्ट क्लियर रहेगा, तो संबंधित टॉपिक आपके मानस-पटल पर लंबे समय तक स्मरणीय बना रहेगा। लगातार पढ़ाई करते रहना भी सही नहीं है। रिवीजन करते समय दिमाग पर अनावश्यक तनाव न डालें। हर एक घंटे के बाद थोड़े समय का ब्रेक लेकर तैयारी करें।

रिवीजन के साथ-साथ पिछले कुछ वर्षों के प्रश्न-पत्र हल करने का अभ्यास भी करें। इससे प्रश्नों का पैटर्न समझने में काफी मदद मिलती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

परीक्षा के समय कई बच्चे अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बिल्कुल सही नहीं है। इसका परीक्षा के दौरान नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे बचने के लिए आवश्यक है कि विद्यार्थी अपने खान-पान का पूरा ध्यान रखें। हेल्दी फूड लें, हरी सब्जियां और फल खाएं तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

सबसे महत्वपूर्ण बात—परीक्षा के दिनों में अच्छी नींद जरूर लें। अच्छी नींद लेने से मूड बेहतर रहता है, स्मरण शक्ति बढ़ती है और स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है। मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे तो ही आप तनावरहित होकर परीक्षा दे पाएंगे।

शारीरिक और मानसिक फिटनेस के लिए यह भी जरूरी है कि समय निकालकर सुबह या शाम, किसी भी समय थोड़ा व्यायाम या योगाभ्यास अवश्य करें।

बच्चे हमेशा यह याद रखें कि कोई भी परीक्षा जीवन की आखिरी परीक्षा नहीं होती। किसी भी स्थिति में न तो अत्यधिक तनाव लेना है और न ही हताश होना है। सकारात्मक सोच के साथ, पूरी मेहनत, लगन, ईमानदारी और निष्ठा से पढ़ाई करेंगे तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।

ध्यान रखें—परीक्षा जीवन का एक छोटा सा हिस्सा है, पूरे जीवन का आधार नहीं। यह जीवन का पैमाना भी नहीं, बल्कि केवल शैक्षणिक तैयारी को परखने का एक माध्यम है। असफलता सफलता का विपरीतार्थक नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी है, जो हमें अधिक परिश्रम, निरंतरता, दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास के लिए प्रेरित करती है।

वैसे भी, हारकर जीतने वाले को ही बाज़ीगर कहते हैं।

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