नई दिल्ली: भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम ने उपभोक्ता हार्डवेयर की दुनिया में एक बड़ा कदम रखा है। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI ने अपने AI-संचालित स्मार्ट ग्लासेस “Sarvam Kaze” का अनावरण किया है। इस डिवाइस ने तब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India AI Impact Summit 2026 के दौरान इसे संक्षेप में आज़माया। इसे स्वदेशी AI नवाचार के प्रति बढ़ती नीतिगत रुचि के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
“मेड-इन-इंडिया” स्मार्ट आईवियर के रूप में पेश किया गया Sarvam Kaze, कंपनी का सॉफ्टवेयर से आगे बढ़कर फिजिकल AI प्रोडक्ट्स में पहला बड़ा कदम है। स्टाइलिश चश्मे जैसी डिजाइन वाले इस वेयरेबल में कैमरा, माइक्रोफोन और ऑनबोर्ड AI इंटेलिजेंस को जोड़ा गया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को वास्तविक दुनिया में हैंड्स-फ्री डिजिटल सहायता मिल सके।
Sarvam AI Kaze is an AI-powered smart glasses system similar to Ray-Ban Meta AI glasses
pic.twitter.com/lrXKZhYA2m— Utsav Techie (@utsavtechie) February 17, 2026
स्क्रीन से आगे बढ़ता AI
Sarvam AI इस डिवाइस को एक “AI-फर्स्ट” वेयरेबल के रूप में पेश कर रही है, जिसका उद्देश्य स्मार्टफोन पर निर्भरता कम करना है। उपयोगकर्ता वॉइस कमांड के जरिए ग्लासेस से बातचीत कर सकते हैं, फर्स्ट-पर्सन व्यू में फोटो और छोटे वीडियो कैप्चर कर सकते हैं, और रियल टाइम में संदर्भ आधारित AI जवाब प्राप्त कर सकते हैं।
कंपनी के विजन के मुताबिक, लक्ष्य यह है कि इंटेलिजेंस को सीधे रोजमर्रा की जिंदगी में उतारा जाए—ताकि पेशेवर, छात्र और फील्ड वर्कर बिना काम रोके जरूरी जानकारी तक पहुंच सकें।
भारत की भाषाई विविधता पर खास फोकस
Sarvam Kaze की सबसे बड़ी खासियत इसका लोकलाइजेशन है। यह कंपनी के इन-हाउस AI मॉडल पर आधारित है, जिन्हें भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भों के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ऐसे बाजार में, जहां बहुभाषी सपोर्ट अभी भी कई वैश्विक उत्पादों की कमजोरी है, यह फीचर Sarvam को बढ़त दे सकता है।
कंपनी स्मार्ट ग्लासेस के आसपास एक डेवलपर इकोसिस्टम बनाने की भी तैयारी कर रही है, जिससे भविष्य में थर्ड-पार्टी ऐप्स और कस्टम एंटरप्राइज सॉल्यूशंस संभव हो सकेंगे।

कई क्षेत्रों में उपयोग की संभावना
Sarvam Kaze को कई वास्तविक उपयोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
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फील्ड इंस्पेक्शन और सर्वे
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शिक्षा और गाइडेड लर्निंग
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हेल्थकेयर सहायता
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नेविगेशन और प्रोडक्टिविटी सपोर्ट
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दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए सहायक उपयोग
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह उत्पाद खासकर भारत की बड़ी मोबाइल वर्कफोर्स के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जो रियल टाइम डेटा कैप्चर और हैंड्स-फ्री कम्युनिकेशन पर निर्भर करती है।
लॉन्च टाइमलाइन
कंपनी के अनुसार, Sarvam Kaze के मई 2026 के आसपास भारतीय बाजार में आने की उम्मीद है। हालांकि, कीमत, बैटरी परफॉर्मेंस और विस्तृत तकनीकी स्पेसिफिकेशंस जैसे अहम विवरण अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं।
प्रतिस्पर्धा कड़ी, संभावनाएं बड़ी
Sarvam AI की एंट्री ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक टेक कंपनियां स्मार्ट आईवियर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की दौड़ में हैं। मुकाबला भले ही कड़ा हो, लेकिन स्टार्टअप लोकलाइजेशन, किफायती कीमत और भारत-केंद्रित उपयोग मामलों के दम पर अपनी जगह बनाने की रणनीति पर दांव लगा रहा है।
यदि यह रणनीति सफल रही, तो Sarvam Kaze भारत के AI-संचालित कंज्यूमर हार्डवेयर क्षेत्र में गंभीर कदम की शुरुआत साबित हो सकता है—जो देश को सॉफ्टवेयर नेतृत्व से आगे बढ़ाकर फुल-स्टैक इनोवेशन की दिशा में ले जाएगा।

