Jharkhand के बहरागोड़ा में सुवर्णरेखा नदी किनारे मिला अमेरिकी (US) जिंदा बम, फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज

Indian Army Defuses WWII-Era 227-kg Bombs in Jamshedpur Riverbed
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जमशेदपुर/रांची : झारखंड (Jharkhand) के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे एक अमेरिकी (US) निर्मित जिंदा (अनफटा) बम मिलने से हड़कंप मच गया। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके को सील कर दिया है।

बालू खनन के दौरान हुआ बम का खुलासा

करीब 500 पाउंड वजनी यह बम पनिपाड़ा–नगुडसाई क्षेत्र में बालू खनन के दौरान मिला। मजदूरों ने एक संदिग्ध बेलनाकार वस्तु देखी और तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा और क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया।

अमेरिकी मूल का एरियल बम होने की पुष्टि

प्रारंभिक जांच में बम पर “AN-M64 500 LB” और “American-made” जैसे निशान पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह अमेरिकी मूल का एरियल बम है। अधिकारियों ने इसे अनफटा विस्फोटक (UXO) बताया है, जो वर्षों बाद भी बेहद खतरनाक बना हुआ है।

इलाका सील, बम निरोधक दस्ता तैनात

बम मिलने के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। बम निरोधक दस्ता तैनात कर दिया गया है और इसे निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

1955 की घटना से जुड़ाव की आशंका

इस खोज को ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि इसी क्षेत्र में वर्ष 1955 में भी ऐसा ही एक बम मिला था। अधिकारियों को आशंका है कि यह बम महुलडांगरी क्षेत्र में हुए किसी पुराने सैन्य विमान हादसे से जुड़ा हो सकता है। माना जा रहा है कि उस समय बम नदी में गिर गया होगा और वर्षों तक बालू के नीचे दबा रहा।

जांच जारी, फॉरेंसिक जांच होगी

हालांकि बम की सटीक उत्पत्ति और समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, बम के स्रोत और इतिहास का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।

हाई अलर्ट जारी

जब तक बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय या हटाया नहीं जाता, तब तक पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

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