Union Budget 2026: क्या हुआ सस्ता… और क्या हुआ महंगा?

Union Budget 2026: क्या हुआ सस्ता... और क्या हुआ महंगा?
77 / 100 SEO Score

दवाएं और बैटरियां सस्ती, शराब-सिगरेट और शेयर ट्रेडिंग महंगी

यूनियन बजट 2026 में आम लोगों को दोहरी तस्वीर मिली है। सरकार ने जहां कैंसर, डायबिटीज और दुर्लभ रोगों की दवाओं पर टैक्स घटाकर बड़ी राहत दी है, वहीं शराब, सिगरेट, पान मसाला और शेयर बाजार में ट्रेडिंग को महंगा कर दिया गया है।

बैटरियों, जूतों और पर्सनल इम्पोर्ट पर कस्टम ड्यूटी हटने से इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स भी सस्ते होंगे। वहीं, शेयर ट्रेडिंग पर STT बढ़ने से निवेशकों की लागत बढ़ेगी।

सरकार का कहना है कि यह बजट “आम आदमी और आत्मनिर्भर भारत” को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

News Desk: यूनियन बजट 2026 आम लोगों के लिए राहत और बोझ—दोनों का संदेश लेकर आया है। सरकार ने जहां जीवनरक्षक दवाओं, बैटरियों, पर्सनल इम्पोर्ट और हरित ऊर्जा से जुड़ी वस्तुओं पर टैक्स घटाया है, वहीं शराब, तंबाकू, शेयर ट्रेडिंग और कॉरपोरेट बायबैक पर कर बढ़ा दिए हैं।

इस बजट का साफ संकेत है—जरूरी और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़ी चीज़ें सस्ती हों, जबकि लग्ज़री, सट्टा और हानिकारक उपभोग महंगे हों।

नीचे देखें पूरी सूची—


🔻 क्या हुआ सस्ता?

(राहत देने वाली वस्तुएँ और सेवाएँ)

1. जीवनरक्षक दवाएं और हेल्थ प्रोडक्ट्स

सरकार ने कई जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटा या समाप्त कर दी है, जिनमें शामिल हैं:

  • 17 कैंसर की दवाएं

  • डायबिटीज (इंसुलिन) दवाएं

  • दुर्लभ रोगों की दवाएं

इससे इलाज सस्ता होगा और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।


2. जूते और बैटरियां

जूते और बैटरियों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है।
साथ ही, बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर भी ड्यूटी कम की गई है।

इससे सस्ते होंगे:

  • इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियां
  • इन्वर्टर और पावर बैकअप
  • मोबाइल और लैपटॉप बैटरियां
  • सोलर और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम

3. पर्सनल इम्पोर्टेड सामान

विदेश से निजी उपयोग के लिए मंगाए गए सामान पर टैक्स 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।

अब सस्ते होंगे:

  • ऑनलाइन मंगाए गए मोबाइल और गैजेट्स
  • घड़ियां, एक्सेसरीज़
  • छोटे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण


4. एयरक्राफ्ट और रक्षा उपकरण पार्ट्स

डिफेंस और एविएशन सेक्टर के लिए एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है।

इससे:

  • विमान मेंटेनेंस सस्ता होगा
  • उड़ानों की लागत घटेगी
  • स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा

5. इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स

सरकार ने घरेलू चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए बजट बढ़ाया है।

इससे:

  • आयात पर निर्भरता घटेगी
  • उत्पादन लागत कम होगी
  • आने वाले वर्षों में मोबाइल, लैपटॉप और उपकरण सस्ते हो सकते हैं

6. ग्रीन फ्यूल और CNG

बायोगैस मिश्रित CNG के बायोगैस हिस्से पर एक्साइज ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे यह ईंधन थोड़ा सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल बनेगा।


🔺 क्या हुआ महंगा?

(जेब पर भारी पड़ने वाली चीज़ें)

1. तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला

इन उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी और हेल्थ सेस बढ़ाया गया है, जिससे इनके दाम बढ़ेंगे।


2. शराब

शराब पर टैक्स बढ़ने से बीयर, वाइन और अन्य शराब महंगी होगी।


3. शेयर ट्रेडिंग

Securities Transaction Tax (STT) बढ़ा दिया गया है:

श्रेणी पुरानी दर नई दर
फ्यूचर्स 0.02% 0.05%
ऑप्शन्स 0.10% 0.15% तक

इससे ट्रेडिंग महंगी होगी, खासकर छोटे निवेशकों के लिए।


4. कंपनी शेयर बायबैक

अब शेयर बायबैक पर सभी निवेशकों को कैपिटल गेन टैक्स देना होगा, जिससे रिटर्न घट सकता है।


5. सोना और चांदी

इन पर कोई बड़ी टैक्स राहत नहीं दी गई, इसलिए आभूषण और बुलियन महंगे ही रहेंगे।


6. लग्ज़री और हाई-एंड इम्पोर्टेड इलेक्ट्रॉनिक्स

सरकार ने कुछ प्रीमियम इम्पोर्टेड सामान पर ड्यूटी बढ़ाकर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया है, जिससे ये महंगे हो सकते हैं।


विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट संतुलित और भविष्य-उन्मुख है।
हालांकि विपक्ष का कहना है कि अप्रत्यक्ष करों से मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ेगा।


निष्कर्ष

यूनियन बजट 2026 का साफ संदेश है—

जरूरत की चीज़ें और भविष्य की तकनीक सस्ती होंगी, जबकि सट्टा, नशा और लग्ज़री महंगे होंगे।

आम जनता को दवाओं और तकनीक में राहत मिलेगी, लेकिन शराब, तंबाकू, शेयर ट्रेडिंग और सोने-चांदी पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

Ashis Sinha

About Ashis Sinha

Ashis Sinha Journalist

View all posts by Ashis Sinha →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *