बोकारो: वरिष्ठ संगीतज्ञ पं. बच्चनजी महाराज के संयोजन में आदर्श कोऑपरेटिव कॉलोनी में रविवार (15 मार्च 2026) की शाम वसंतोत्सव (Vasantotsav ) संगीत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बोकारो व बाहर से आमंत्रित कलाकारों ने शास्त्रीय व सुगम संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन जीत लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षाविद् शिवेंद्र प्रसाद सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रभा मोहनन नायर, सन्ध्या प्रसाद, डॉ आर एन सिंह व आमंत्रित कलाकारों द्वारा मां सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन से हुआ।
कार्यक्रम संयोजक पं बच्चनजी महाराज ने मुख्य अतिथि व आमंत्रित कलाकारों का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। उन्होंने कहा कि बोकारो में संगीत का बेहतर माहौल बनाने व कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से बीच-बीच में संगीत समारोह का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत भजन कार्यक्रम से हुई। ब्रह्मानंद गोस्वामी, कृष्णा तुलसी, अक्षिता, प्रमोद कुमार, हरेक नाथ गोस्वामी, पं श्याम गोस्वामी ने भजन प्रस्तुत कर वातावरण में भक्तिरस का संचार कर दिया।
गायिका प्रभा मोहनन नायर ने कर्नाटक शैली में शास्त्रीय गायन, गायक चंद्रकांत शर्मा ने राग मुलतानी में बंदिश कंगन मुंदरिया.., प्रताप नारायण सिंह ने राग मधुवंती, दीप नारायण गोस्वामी ने राग मधुकौंष व अडाना, रचना पाठक ने राग यमन, वेदांती भारद्वाज ने राग यमन, देवदीप ने राग भीमपलासी, आराध्या व कनक ने राग केदार एवं जौनपुरी, हिमांशु राज ने राग पटदीप एवं बागेश्री, आरोही मिश्रा व अद्विका मिश्रा ने राग यमन, उमेश कुमार झा ने गज़ल, गायक अरुण पाठक ने मैथिली चैती ‘ जनक ललित फुलवरिया हो रामा चलु सब सखियां..’, महाकवि विद्यापति की रचना ‘ माधव कते तोर करब बड़ाई..’, गज़ल ‘ मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊं कैसे..’ व भजन ‘ मैं देखूं जिस ओर सखी री सामने मेरे सांवरिया..’ सुनाकर सभी को आनंदित किया।

इन कलाकारों के साथ तबले पर राजू गोस्वामी, स्वपन कुमार, स्वागत पाठक, देवांशी भारद्वाज, की-बोर्ड पर सदय कुमार झा ने संगति की। बाल कलाकार अक्षर राज ने एकल तबला वादन में दादरा व कहरवा की प्रस्तुति दी। स्वपन कुमार, श्रीधर, गोपाल चौबे, अनिशा सिन्हा, पियुष अनुराग, रुद्र आनंद, अंशित शांडिल्य, अर्थव श्रेष्ठ व आदित्य राज ने भी एकल तबला वादन से सबकी प्रशंसा पाई। कार्यक्रम का खास आकर्षण रहा रांची से पधारे गया घराने के प्रख्यात गायक पंडित अभिराम पाठक का शास्त्रीय गायन।
देश-विदेश में अपनी सांगातिक प्रतिभा का लोहा मनवा चुके प्रसिद्ध धु्रपद-धमार गायक पंडित अभिराम पाठक ने राग हमीर में ‘ धमार खेलत धमार नंद के लाल…’ सुनाने के बाद राग केदार में शूल ताल ‘ जय जय हनुमान..’ सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इनके साथ पखावज पर पं. श्रवण कुमार पाठक व हारमोनियम पर पं श्याम गोस्वामी ने संगति की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि शिवेंद्र प्रसाद सिंह ने जीवन में संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत मानवीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन का एक सशक्त स्रोत है। संगीत से ही सृष्टि की उत्पत्ति मानी जाती है। संगीत हमें सकारात्मकता की ओर ले जाता है। उन्होंने पं बच्चन महाराज को फकीर बादशाह की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्होंने साधन के अभाव के वाबजूद इस तरह के आयोजनों के माध्यम से संगीत के प्रचार-प्रसार में जो योगदान दे रहे हैं वह स्तुत्य है। बोकारो के घर-घर में संगीत को पहुंचाने में पं बच्चन महाराज व आचार्य जगदीश का सराहनीय योगदान रहा है।
सिंह ने कहा कि संगीत को बढ़ावा देने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूरी है न कि ईर्ष्या। कलाकारों को ईर्ष्या-द्वेष से दूर रहना चाहिए। गुणीजनों के प्रति सम्मान की भावना रखनी चाहिए। इस मौके पर एसबीआई के अधिकारी रितेश झा, संगीतज्ञ प्रसेनजीत शर्मा, उषा रानी पाठक, मन्नु पाठक, रजनी गंधा, सरोज चौबे, शिरोमणि ठाकुर, सुमन मिश्रा, गीता देवी, संजय सहित काफी संख्या में संगीतप्रेमी श्रोता उपस्थित थे।

