साईं महासमाधि दिवस शताब्दी वर्ष पर भजन संध्या आयोजित

dscn0500बोकारो: विजयादशमी व साईं महासमाधि दिवस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर शुक्रवार की शाम सेक्टर 6बी स्थित साईं मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बोकारो के प्रसिद्ध गायक अरुण पाठक, अमरजी सिन्हा सहित प्राणमोहन सिंह व सुनील कुमार ने साईं भजन, दुर्गा भजन व अन्य भक्तिगीतों की सुमधुर प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। अरुण पाठक ने ‘मेरे घर के आगे साईंनाथ तेरा मंदिर बन जाए…’, ‘शिरडी के दाता सबसे महान…‘, मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊं…’, ‘ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो…’, ‘राम लखन सन पाहुन जिनकर, सीता सनक जकर बेटी…’ ‘तोरा मन दर्पण कहलाए…’, ‘संसार है इक नदिया, सुख-दुख दो किनारे हैं…’ आदि भक्तिगीतों की भावपूर्ण सुमधुर प्रस्तुति से समां बांध दिया।

गायक अमरजी सिन्हा ने ‘माटी के पुतले रे तेरा साईं बिना ना कोय…’, ‘सांवरिया मन भाया रे…’, ‘बांके बिहारी कृष्ण मुरारी…’ व अन्य भजन की सुमधुर प्रस्तुति से श्रोताओं की वाहवाही ली। प्राण मोहन सिंह द्वारा प्रस्तुत भगवती वंदना व सुनील कुमार के भजन भी प्रशंसनीय रहे। कार्यक्रम में तबले पर नीतेश कुमार व हारमोनियम पर अमरजी सिन्हा ने बहुत ही अच्छी संगति की। इस मौके पर साईं समर्पण के महासचिव राकेश श्रीवास्तव, अनुराधा श्रीवास्तव सहित रीना सिन्हा, बीरेन्द्र, कृष्ण कुमार मुन्ना, प्रकाश कुमार, गुंजन झा, रमण कुमार, मंतोष कुमार, सन्तोष पाण्डेय, धनजंय पाण्डेय व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।

सेक्टर 6 साईं मंदिर के प्रमुख राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि विजयादशमी के दिन ही 15 अक्टूबर 1918 को शिरडी के साईंबाबा ने महासमाधि ली थी। यह वर्ष महासमाधि दिवस का शताब्दी वर्ष है। शताब्दी उत्सव के रुप में साईं मंदिर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह से देर रात तक चले कार्यक्रमों में कांकड़ आरती, मंगल स्नान, शिरडी मांझे आरती, श्री गणेश हवन, श्री दत्तत्रेय हवन, श्री साईं हवन, श्री शनि हवन, मध्यान्ह आरती एवं भोग, संध्या आरती, संध्या भजन एवं बाबा का प्रसाद वितरण हुआ।

वहीं दुर्गा पूजा के अवसर पर गुरुवार (नौवीं पूजा) की रात सेक्टर 5 ए दुर्गापूजा पंडाल में संगीत कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में बोकारो के सुप्रसिद्ध गायक अमरजी सिन्हा, अरुण पाठक, गायिका दोना मंडल व धनबाद से पधारीं गायिका विनीता सिंह ने एक से बढ़कर एक भक्ति, लोक व फिल्मी गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विनीता सिंह ने भगवती वंदना सुनाकर की। तत्पश्चात् दोना मंडल ने ‘बरखा बहार आई…’, ‘आपकी नज़रों ने समझा, प्यार के काबिल मुझे…’ व अन्य गीतों की सुंदर प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अरुण पाठक ने भोजपुरी में भक्ति गीत ‘निमिया के डाढ़ि मैया झूलेली झुलनमा…’, मैथिली गीत ‘कोबर सजा राखू हम गाम आबै छी…’, हिन्दी गीत ‘दीवानों से ये मत पूछो….’, ‘डम-डम डिगा-डिगा…’ व अन्य एकल गीतों के बाद विनीता सिंह के साथ युगलगीत ‘फूल तुम्हें भेजा है खत में…’, ‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा…’ आदि सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया। अमरजी सिन्हा ने भगवती वंदना सुनाने के बाद ‘दिल के टुकड़े टुकड़े करके व गज़ल ‘होश वालों को खबर क्या…’ आदि गीत सुनाकर सबकी प्रशंसा पाई। विनीता सिंह ने भक्ति, लोक व फिल्मी गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियों से भरपूर सराहना बटोरी। कार्यक्रम में ढोलक पर राकेश कुमार सिंह, की-बोर्ड पर राजेन्द्र व ऑक्टोपैड पर मनोज ने अच्छी संगति की। मंच संचालन पूनम झा ने किया। इस मौके पर पूजा समिति के अध्यक्ष व बीएसएल के महाप्रबंधक विजय कुमार झा, पूर्व महाप्रबंधक पी बालासुब्रमण्यन, पूर्व शिक्षा प्रमुख रविशंकर मिश्र, डॉ सुमन, संगीता मिश्रा, रीता बनिक, श्वेता, अभिषेक मिश्रा आदि उपस्थित थे।

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