मंगलमय दिन आजु हे पाहुन छथि आयल…

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भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनाया गया मिथिला महिला समिति का 32वां वार्षिकोत्सव

अरुण पाठक

बोकारो : प्रतिष्ठित सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद् की इकाई मिथिला महिला समिति का 32वां वार्षिकोत्सव सह हसबैंड नाईट शनिवार की शाम सेक्टर 4 स्थित मिलन मंडप में सोल्लास मनाया गया। समारोह का उद्घाटन मिथिला सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष जय प्रकाश चौधरी, महासचिव नीरज चौधरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम निदेशक अरुण पाठक, मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के सचिव दिलीप झा व मिथिला महिला समिति की अध्यक्ष पूनम मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर समिति की ओर से अतिथियों को मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण करते हुए समिति की अध्यक्ष पूनम मिश्रा ने मिथिला महिला समिति द्वारा किए गए समाजोपयोगी कार्यों का जिक्र करते हुए इसमें सहयोग के लिए सभी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि समिति की सदस्याएं अपने पति को खासतौर पर इस वार्षिकोत्सव में आमंत्रित करती हैं। उनके सम्मान में यह कार्यक्रम आयोजित होता है इसलिए इस कार्यक्रम का नाम हसबैंड नाईट दिया गया है।

 

 

परिषद के अध्यक्ष जय प्रकाश चौधरी ने समिति द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों व गतिविधियों की सराहना की और इस समाज के लिए प्रेरक बताया। परिषद के महासचिव नीरज चौधरी ने अपने संबोधन में मिथिला महिला समिति के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि आगे भी मिथिला की कला-संस्कृति व सामाजिक कार्यों के प्रति समिति कार्य करती रहेगी। उन्होंने सभी से सामाजिक कार्यों में सहयोग करने की अपील की। मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के सचिव दिलीप झा ने समिति के वार्षिकोत्सव पर समिति को शुभकामनाएं दीं और भविष्य में और बेहतर करने की उम्मीद जताई। परिषद् के सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्देशक अरुण पाठक ने कहा कि विगत तीन दशक से मिथिला की सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़े रखने के साथ ही समाज सेवा में भी समिति का योगदान प्रशंसनीय व अनुकरणीय रहा है।

मिथिला महिला समिति की अध्यक्षा पूनम मिश्रा व सचिव आभा झा के नेतृत्व में आयोजित इस वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में समिति की सदस्याओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी को आनंदित किया। कार्यक्रम की शुरुआत महाकवि विद्यापति की रचना भगवती वंदना जय जय भैरवि असुर भयाउनि.. गीत की सुमधुर प्रस्तुति से हुई। तत्पश्चात् अतिथियों के सम्मान में समिति की सदस्याओं ने प्रसिद्ध गीतकार डॉ चंद्रमणि झा की रचना स्वागत गीत मंगलमय दिन आजु हे पाहुन छथि आयल… की सुमधुर प्रस्तुति की। झिझिया नृत्य की सुंदर प्रस्तुति ने सभी का मन जीत लिया।

मंच संचालन कमला झा व बबिता झा ने किया। इस अवसर पर डाॅ जी एन झा, इंदिरा झा, ए के झा, अमिता झा, राजेश कुमार झा, किरण झा, शीला मिश्रा, डॉ मंजु झा, आशा झा, बीनू चौधरी, जयंती पाठक, नमिता झा, रंजना भगत, समरेन्द्र झा, सीमा झा, ए के मिश्रा, डी एन झा, बीणा झा, पूनम झा, अविनाश झा, मधुबाला झा, प्रदीप झा, वंदना झा, पी के झा चंदन, कुमकुम झा, अनिल कुमार झा, प्रदीप, पदमा चौधरी, प्रेरणा ओझा, एस एन झा, लीला झा, कौशल कुमार राय, विनीता राय, अपर्णा झा, रुचि प्रेरणा, एल के झा आदि उपस्थित रहे।

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