JNS: पाकिस्तान की सत्ता के गलियारों में भूचाल ला देने वाला कदम — देश ने 27वां संवैधानिक संशोधन पारित कर दिया है, जिसके तहत अब एक नया और बेहद ताकतवर पद बनाया गया है — चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF)। इस पद पर मौजूदा आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को नियुक्त किए जाने की पूरी तैयारी है। इसका मतलब साफ है — अब पाकिस्तान की थलसेना, नौसेना और वायुसेना तीनों पर एक ही कमान होगी।
इस संशोधन के तहत संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव किया गया है, जिससे राष्ट्रपति को यह अधिकार मिला है कि वे प्रधानमंत्री की सलाह पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस — दोनों पदों पर नियुक्ति कर सकें।
नई व्यवस्था में जनरल आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस का पद भी मिलेगा, यानी अब वही पाकिस्तान की पूरी फौज के सर्वोच्च सेनापति होंगे।
🚨🇵🇰 Big update from Pakistan
PML-Z leader Ijaz-ul-Haq (son of Gen. Zia-ul-Haq) says Army Chief Asim Munir’s tenure & powers will be extended under Article 243.🪖#AsimMunir #MilitaryRule #Trump #India #Afghanistan pic.twitter.com/XIbj9m64AG
— The Alternate Media (@AlternateMediaX) November 8, 2025
इस पद के जरिए मुनीर को नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड (जहां परमाणु और सामरिक फैसले होते हैं) पर भी नियंत्रण मिलेगा, हालांकि औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री से सलाह लेनी होगी।
सरकार को अब यह अधिकार भी मिल गया है कि वह अफसरों को आजीवन मान-सम्मान वाले रैंक जैसे फील्ड मार्शल, मार्शल ऑफ द एयर फोर्स और एडमिरल ऑफ द फ्लीट तक प्रमोट कर सके। ये रैंक आजीवन विशेषाधिकारों के साथ आते हैं।
महत्वपूर्ण यह है कि मौजूदा ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) का पद 27 नवंबर 2025 के बाद खत्म कर दिया जाएगा। यानी अब पूरा फौजी ढांचा सीधे जनरल मुनीर के अधीन होगा।
यह बदलाव ऐसे वक्त में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चार दिन तक संघर्ष चला था। भारतीय कार्रवाई में PoK और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर प्रहार हुआ था, जिससे पाकिस्तानी सेना के कई F-16 जेट्स को नुकसान पहुंचा था। बताया जा रहा है कि इसी घटना के बाद पाक सेना के तीनों अंगों में तालमेल की कमी उजागर हुई थी।
जनरल मुनीर को कुछ महीने पहले ही फील्ड मार्शल बनाया गया था और अब उनका चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस बनना लगभग तय माना जा रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम पाकिस्तान की कोशिश है कि वह फौजी एकता दिखाए, कमान मजबूत करे, और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य ताकत का प्रदर्शन करे।

