नई दिल्ली: देश में शराब की गुणवत्ता और लेबलिंग को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण FSSAI ने कई लोकप्रिय रम और व्हिस्की उत्पादों पर बड़ी कार्रवाई की है। ओल्ड मॉन्क, मैकडॉवेल्स नंबर-1, एंटीक्विटी ब्लू और रॉयल चैलेंज जैसे चर्चित ब्रांडों से जुड़े कुछ उत्पाद नियामकीय जांच के दायरे में आए हैं।
FSSAI ने 2 अगस्त 2026 को PIB के जरिए जारी एक विस्तृत बयान में कहा कि कुछ निर्माताओं द्वारा ऐसे बाहरी फ्लेवर इस्तेमाल किए जा रहे थे, जो रम या व्हिस्की के प्राकृतिक स्वाद और खुशबू की नकल करते हैं। नियामक के अनुसार, कुछ मामलों में मुख्य आधार न्यूट्रल या एक्स्ट्रा-न्यूट्रल अल्कोहल था, जिसमें बाद में बाहरी फ्लेवर डालकर मानक उत्पाद जैसा स्वाद तैयार किया गया।
सवाल सिर्फ फ्लेवर का नहीं, बोतल में वास्तव में क्या है?
FSSAI के मुताबिक किसी शराब की पहचान केवल उसके नाम से नहीं होती। उसके स्वाद और खुशबू का संबंध उसके कच्चे माल, fermentation, yeast activity, distillation और maturation जैसी प्रक्रियाओं से होता है।
रम के मामले में molasses जैसे base material और व्हिस्की में malt जैसे raw material की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। लेकिन FSSAI का कहना है कि कुछ मामलों में मुख्य रूप से neutral alcohol इस्तेमाल कर बाद में उसी शराब की पहचान वाला फ्लेवर मिलाया गया।
ऐसे उत्पादों को नियामक की नजर में सामान्य रम या व्हिस्की के बजाय “Rum-flavoured Spirit” या “Whisky-flavoured Spirit” के रूप में स्पष्ट रूप से पेश किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति की जानकारी हो।
FSSAI ने प्रयोगशाला जांच में क्या पाया?
FSSAI ने बताया कि अलग-अलग निर्माताओं से रम और व्हिस्की के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में जांच कराई गई। नियामक के अनुसार, कुछ नमूने बाहरी artificial या nature-identical flavours की मौजूदगी के कारण निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
FSSAI ने 2018 के Alcoholic Beverages Regulations का हवाला देते हुए कहा कि रम में रम से जुड़ा विशिष्ट स्वाद और aroma होना चाहिए।
नियामक के अनुसार, बाहरी artificial flavour प्राकृतिक flavour को ढक सकता है और यदि ऐसे उत्पादों को “flavoured” या “premix” के रूप में स्पष्ट रूप से लेबल नहीं किया जाए, तो उपभोक्ता भ्रमित हो सकता है।
Old Monk के “7 Years Old Blended” दावे ने खींचा ध्यान
FSSAI के बयान में Old Monk XXX Rum के एक variant पर लिखे “7 years old blended” दावे का भी विशेष उल्लेख है।
नियामक ने अपनी जांच के आधार पर कहा कि इस उत्पाद में प्रमुख ingredient neutral, unmatured/unaged spirit था, जबकि matured rum spirit की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से कम पाई गई।
FSSAI के अनुसार, blended spirit के age claim को blend में इस्तेमाल किए गए सबसे कम उम्र वाले spirit के आधार पर होना चाहिए। इसी वजह से इस दावे को नियामक ने भ्रामक बताया।
किन उत्पादों पर कार्रवाई हुई?
FSSAI ने अपने आधिकारिक बयान में गैर-अनुरूप प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर जिन निर्माताओं और उत्पादों के मामलों में बिक्री पर रोक की कार्रवाई बताई, उनमें शामिल हैं:
- Mohan Rocky Springwater, Khopoli: Old Monk The Legend, Old Monk Gold Reserve और Old Monk XXX Matured Rum
- United Spirits, Baramati: McDowell’s No. 1 Rum
- INBREW Beverages, Madhya Pradesh: Bagpiper Deluxe Whisky और Old Cask Deluxe XXX Rum
- Associated Alcohol & Breweries, Madhya Pradesh: Central Province Whisky और McDowell’s No. 1 Celebration Matured XXX Rum
- United Spirits, Madhya Pradesh: Antiquity Blue Whisky और Royal Challenge Whisky
इसके अलावा, FSSAI ने Goa में Mandexi Distilleries & Breweries के परिसर में निरीक्षण और sampling की जानकारी दी है। महाराष्ट्र में छह अन्य निर्माताओं को नोटिस जारी किए गए हैं और आगे भी कार्रवाई की बात कही गई है।
क्या FSSAI ने हर तरह के फ्लेवर पर रोक लगा दी है?
नहीं।
यह इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। FSSAI ने साफ किया है कि कानून के तहत अनुमत परिस्थितियों में natural और nature-identical flavours का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है।
उदाहरण के लिए, जहां कानून अनुमति देता है और कोई वैध technological purpose मौजूद है, वहां coffee, vanilla जैसे flavours का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आपत्ति उस स्थिति पर है, जब रम में रम का flavour या व्हिस्की में व्हिस्की का flavour डालकर वही characteristic taste और aroma तैयार किया जाए, जो सामान्य तौर पर उत्पाद की अपनी manufacturing process से विकसित होना चाहिए।
कुछ निर्माताओं को मिली सशर्त राहत
FSSAI ने बताया कि दो निर्माताओं की अपील के बाद बिक्री पर रोक को कुछ शर्तों के साथ वापस लेने की अनुमति दी गई।
मौजूदा stock को इस शर्त पर बेचने की अनुमति दी गई कि पैकेज के front पर उत्पाद की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट रूप से बताई जाए। वहीं भविष्य में बनने वाले उत्पादों में rum flavour या whisky flavour जैसे identical flavours का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया गया।
FSSAI ने कहा—पूरे शराब उद्योग को एक ही नजर से न देखें
नियामक ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा कार्रवाई को पूरे alcoholic beverage industry पर लागू नहीं किया जाना चाहिए।
FSSAI के अनुसार, देश में कई निर्माता निर्धारित मानकों के अनुरूप standardised alcoholic beverages का उत्पादन कर रहे हैं। कार्रवाई कुछ ऐसे निर्माताओं से संबंधित है, जिनके उत्पादों में नियामक को neutral या extra-neutral alcohol के साथ identical/artificial flavouring के इस्तेमाल की समस्या मिली।
असली मुद्दा: उपभोक्ता को सही जानकारी मिले
पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल यही है—बोतल पर जो लिखा है, क्या उसके अंदर वही उत्पाद है?
FSSAI का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उद्देश्य केवल गुणवत्ता बनाए रखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि किसी उत्पाद की packaging, labelling या additives के जरिए उपभोक्ता को गुमराह न किया जाए।
इसलिए Old Monk से लेकर McDowell’s, Antiquity Blue और Royal Challenge से जुड़े मामलों में उठे सवाल केवल शराब के स्वाद या flavour तक सीमित नहीं हैं। मामला उत्पाद की असल पहचान, ageing claim, labelling transparency और consumer protection तक पहुंच गया है।
हालांकि, FSSAI की कार्रवाई को किसी पूरे ब्रांड या पूरी शराब इंडस्ट्री पर blanket ban के रूप में देखना सही नहीं होगा। नियामक का आधिकारिक बयान विशिष्ट निर्माताओं, उत्पादों और प्रयोगशाला निष्कर्षों से संबंधित है।

