भारत-अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा घोषित किया; टैरिफ कटौती और 500 अरब डॉलर व्यापार विस्तार का रास्ता साफ
नई दिल्ली/वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के लिए एक साझा ढांचे की घोषणा की है। संयुक्त बयान में कहा गया कि यह पहल व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है और बाजार पहुंच बढ़ाने तथा आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी।
यह ढांचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई वार्ताओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराता है। दोनों देशों ने इसे संतुलित, पारस्परिक और ठोस परिणाम देने वाले व्यापारिक सहयोग की दिशा में अहम पड़ाव बताया।
India–US partnership powering prosperity 🇮🇳🤝🇺🇸
The India–US Interim Trade Agreement framework, guided by the leadership of PM Sh @narendramodi ji, represents a significant leap in turning international cooperation into meaningful gains for citizens and businesses across India.… pic.twitter.com/9jm6maPSFl
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) February 7, 2026
टैरिफ में बदलाव और बाजार पहुंच
समझौते के तहत भारत अमेरिका के औद्योगिक उत्पादों तथा कई कृषि-खाद्य वस्तुओं — जैसे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड ज्वार, नट्स, फल, सोयाबीन तेल, वाइन व स्पिरिट — पर शुल्क कम या समाप्त करेगा।
इसके बदले अमेरिका भारतीय निर्यात पर 18% का पारस्परिक टैरिफ लागू करेगा, जिसमें टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक, रसायन, हस्तशिल्प और मशीनरी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
साथ ही कुछ विमान और विमान पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क हटाने की भी बात कही गई है।
दोनों देशों ने एक-दूसरे को प्राथमिक बाजार पहुंच देने, मूल-उत्पत्ति नियम तय करने और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई है। भारत ने अमेरिकी मेडिकल डिवाइस और कृषि उत्पादों से जुड़े लंबे समय से लंबित अवरोधों पर भी विचार करने का आश्वासन दिया है।
500 अरब डॉलर खरीद का प्रस्ताव
संयुक्त बयान के अनुसार भारत अगले पाँच वर्षों में अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद, विमान और पुर्जे, तकनीकी सामान, कीमती धातु तथा कोकिंग कोल सहित करीब 500 अरब डॉलर की खरीद का इरादा रखता है।
इसके अलावा GPU और डेटा सेंटर उपकरण जैसे तकनीकी उत्पादों के व्यापार को बढ़ाने और संयुक्त तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
डिजिटल व्यापार और आगे की राह
दोनों देश डिजिटल व्यापार से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और भविष्य के लिए मजबूत नियम तय करने पर काम करेंगे। लक्ष्य है कि इस ढांचे को जल्द लागू कर अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाए और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते तक पहुँचा जाए।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि डेयरी, अनाज और सब्जियों जैसे क्षेत्रों में भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं और किसानों की प्राथमिकता सर्वोपरि है।

