Pakistan का नया दांव: China से मिलेगी बड़ी कमाई, डूबती Economy को मिलेगा सहारा
इस्लामाबाद: आर्थिक दबाव से जूझ रहे Pakistan ने अब एक असामान्य लेकिन रणनीतिक कदम उठाया है। सरकार ने गधे के मांस और खाल के निर्यात को मंजूरी दे दी है, जिसका मुख्य लक्ष्य China का बाजार है, जहां इन उत्पादों की लगातार मांग बनी हुई है।
सरकारी स्तर पर मंजूरी
यह फैसला पाकिस्तान की आर्थिक समन्वय समिति (ECC) द्वारा लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, निर्यात पूरी तरह नियंत्रित और निर्धारित नियमों के तहत होगा। इसके लिए खास तौर पर स्वीकृत स्लॉटरहाउस और प्रोसेसिंग यूनिट्स का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
चीन में क्यों है मांग?
चीन में गधे से जुड़े उत्पादों की खास मांग है।
- गधे की खाल से एजियाओ (Ejiao) नामक पारंपरिक औषधि बनाई जाती है, जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य उत्पादों में होता है।
- वहीं, कुछ क्षेत्रों में गधे का मांस भी खाया जाता है और इसकी बाजार में अलग पहचान है।
पाकिस्तान में गधों की संख्या 60 लाख से अधिक बताई जाती है, जिसे अब एक संभावित आर्थिक संसाधन के रूप में देखा जा रहा है।
ECC approves export of donkey meat to China, reviews inflation and key financial measures
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— The Truth International (@ttimagazine) April 28, 2026
ग्वादर बनेगा निर्यात का केंद्र
इस निर्यात योजना का मुख्य केंद्र ग्वादर फ्री जोन होगा, जहां एक आधुनिक स्लॉटरहाउस और प्रोसेसिंग सुविधा विकसित की गई है। एक चीनी कंपनी को यहां से निर्यात की अनुमति दी गई है और शुरुआती चरण में हर महीने कई कंटेनर भेजने की योजना है।
सरकार को क्या उम्मीद?
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के नेतृत्व वाली सरकार इस पहल से कई फायदे की उम्मीद कर रही है:
- विदेशी मुद्रा में बढ़ोतरी
- रोजगार के नए अवसर
- गैर-पारंपरिक निर्यात क्षेत्रों का विस्तार
- चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूती
सावधानियां और नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- गधे का मांस घरेलू बाजार में नहीं बेचा जाएगा
- केवल अधिकृत और निगरानी वाले केंद्रों पर ही प्रोसेसिंग होगी
- सभी निर्यात अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होंगे
विवाद और चिंताएं
इस फैसले को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं:
- सांस्कृतिक पहलू: पाकिस्तान में गधे का मांस आम तौर पर नहीं खाया जाता, जिससे सामाजिक संवेदनशीलता जुड़ी है।
- पर्यावरण और पशु संरक्षण: विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नियंत्रण नहीं रखा गया तो गधों की संख्या पर असर पड़ सकता है।
- नियमन की चुनौती: अवैध कारोबार रोकना और पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी रखना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
पाकिस्तान का यह कदम भले ही असामान्य लगे, लेकिन यह एक व्यावहारिक आर्थिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अगर सरकार सही तरीके से नियमों का पालन कर पाती है, तो यह नया निर्यात क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक राहत दे सकता है।

