Red Fort Blast की नई परत खुली: उमर ने कार में बैठे-बैठे बनाया बम
News Desk: दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। उमर मोहम्मद उर्फ़ उमर उन-नबी ने लाल किले के पास बने पब्लिक पार्किंग में अपनी कार खड़ी कर उसी के अंदर बम तैयार किया था।
CCTV फुटेज के मुताबिक उमर 3:19 बजे पार्किंग में घुसा और 6:28 बजे निकला—यानी करीब तीन घंटे तक कार के अंदर ही बैठा रहा। वह एक बार भी बाहर नहीं निकला। यही बात अब जांच एजेंसियों की नई थ्योरी से मेल खाती है।
CCTV footage from the Red Fort blast — just look how massive and terrifying the explosion was.
This wasn’t just a blast, it was a direct attack on India’s heart. #RedFortBlast #India #DelhiBlast pic.twitter.com/gGQfJYWAhd
— Amar Singh Chouhan (@amar_4inc) November 12, 2025
हैंडलर्स लगातार दे रहे थे निर्देश
सूत्रों के अनुसार, उमर सुबह दिल्ली में दाख़िल होते ही अपने हैंडलर्स के संपर्क में था। बातचीत का बड़ा हिस्सा इस बात पर था कि धमाका ठीक कहां किया जाए।
उसने पहले मयूर विहार और कनॉट प्लेस में चक्कर लगाए, फिर पुरानी दिल्ली पहुंचा।
लाल किला चुना गया—क्योंकि उसकी प्रतीकात्मक अहमियत बहुत बड़ी है।
सोमवार को लाल किला बंद, प्लान बिगड़ा
लेकिन प्लान में एक बड़ी चूक हो गई। सोमवार को लाल किला बंद रहता है, इसलिए पार्किंग लगभग खाली थी।
खाली जगह देखने के बाद हैंडलर्स ने तुरंत प्लान बदला और धमाका नेताजी सुभाष मार्ग पर करने का निर्देश दिया—जहां भीड़ ज्यादा थी।
कार के अंदर ही तैयार हुआ विस्फोटक
जांच में अब यह साफ है कि उमर ने पार्किंग में खड़ी अपनी सफेद Hyundai i-20 में बैठकर ही पूरा बम तैयार किया।
काम पूरा होने पर वह पार्किंग से निकला और भीड़भाड़ वाले सिग्नल की ओर चला गया।
कुछ ही मिनट बाद कार सिग्नल पर फटी, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई और 20 घायल हो गए। दिल्ली में हड़कंप मच गया।
घबराहट में जल्दी किया धमाका
एजेंसियों का कहना है कि उमर बेहद दबाव में था। उसके दो करीबियों—डॉ. मुज़म्मिल और शहीन—को फ़रीदाबाद में मिले 2,900 किलो विस्फोटक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था।
उमर को डर था कि पुलिस अब उसके पीछे भी पहुंच जाएगी। इसी घबराहट में उसने प्लान को फटाफट आगे बढ़ाया और जल्दबाज़ी में हमला कर दिया।
धीरे-धीरे किए जाने वाले ऑपरेशन की जगह यह हमला एक घबराहट में किया गया, जल्दबाज़ और बेहद जानलेवा क़दम बन गया।

