Stent-Free (स्टेंट-फ्री) Heart ट्रीटमेंट: क्या है ड्रग-एल्यूटिंग बैलून (Drug-Eluting Balloon) एंजियोप्लास्टी?

Stent-Free (स्टेंट-फ्री) Heart ट्रीटमेंट: क्या है ड्रग-एल्यूटिंग बैलून (Drug-Eluting Balloon) एंजियोप्लास्टी?
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अब बिना स्टेंट की एंजियोप्लास्टी: ड्रग-एल्यूटिंग बैलून थेरेपी से दिल के इलाज में नई दिशा

हृदय रोग के इलाज में एक नई तकनीक तेजी से चर्चा में है। ड्रग-एल्यूटिंग बैलून (DEB) एंजियोप्लास्टी—जिसे अक्सर “स्टेंट-फ्री एंजियोप्लास्टी” (Stent-Free Angioplasty) कहा जाता है—अब चुने हुए मरीजों के लिए प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यह तकनीक धमनियों को खोलने के साथ-साथ उनमें दवा पहुंचाती है, लेकिन पारंपरिक स्टेंट की तरह शरीर में कोई स्थायी धातु नहीं छोड़ती।

क्या है Drug-Eluting Balloon एंजियोप्लास्टी?

ड्रग-एल्यूटिंग बैलून एंजियोप्लास्टी एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें दवा-लेपित विशेष बैलून का उपयोग कर संकरी या ब्लॉकेज वाली कोरोनरी आर्टरी को खोला जाता है। बैलून पर आमतौर पर पैक्लिटैक्सेल या सायरोलिमस जैसी एंटी-प्रोलिफेरेटिव दवा लगी होती है।

जब बैलून को ब्लॉकेज वाली जगह पर फुलाया जाता है, तो वह धमनी को चौड़ा करने के साथ दवा को उसकी दीवार में पहुंचा देता है। इसके बाद बैलून निकाल लिया जाता है और अंदर कोई स्थायी स्टेंट नहीं रहता।

क्यों बढ़ रही है Stent-Free (स्टेंट-फ्री) इलाज की मांग?

ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट वर्षों से एंजियोप्लास्टी का मानक इलाज रहे हैं, लेकिन इनमें कुछ सीमाएं भी हैं। कुछ मरीजों में स्टेंट के अंदर फिर से संकुचन (इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस) हो सकता है। साथ ही, देर से स्टेंट थ्रॉम्बोसिस का छोटा लेकिन मौजूद जोखिम रहता है और मरीजों को लंबे समय तक ड्यूल एंटी-प्लेटलेट दवाएं लेनी पड़ती हैं।

ड्रग-एल्यूटिंग बैलून इन चिंताओं को कम करने की दिशा में एक विकल्प देता है, क्योंकि इसमें धमनी के अंदर कोई धातु का ढांचा नहीं छोड़ा जाता और रक्त वाहिका की प्राकृतिक लचीलापन बनी रहती है।

प्रक्रिया कैसे होती है?

इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक कैथेटर के जरिए दवा-लेपित बैलून को ब्लॉकेज वाली धमनी तक पहुंचाते हैं। बैलून को कुछ सेकंड के लिए फुलाया जाता है, जिससे धमनी खुलती है और दवा उसकी दीवार में अवशोषित हो जाती है। इसके बाद बैलून को निकाल लिया जाता है।

इसी वजह से इसे इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की “लीव-नथिंग-बिहाइंड” रणनीति का हिस्सा माना जाता है।

प्रमुख फायदे

स्थायी इम्प्लांट नहीं:
धमनी में धातु का स्टेंट न रहने से लंबे समय की जटिलताएं कम हो सकती हैं।

थ्रॉम्बोसिस का कम जोखिम:
स्टेंट न होने से देर से बनने वाले क्लॉट का खतरा कम माना जाता है।

ब्लड थिनर की अवधि कम हो सकती है:
खासकर जिन मरीजों में खून बहने का जोखिम ज्यादा हो, उनमें एंटी-प्लेटलेट दवाओं की अवधि कम रखी जा सकती है।

विशेष परिस्थितियों में प्रभावी:
इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस और छोटी धमनियों के रोग में अच्छे परिणाम देखे गए हैं।

किन मरीजों में ज्यादा उपयोगी?

वर्तमान में कार्डियोलॉजिस्ट इस तकनीक का उपयोग खास तौर पर इन स्थितियों में करते हैं:

  • इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस

  • छोटी कोरोनरी आर्टरी

  • कुछ बाइफरकेशन लेजन

  • हाई ब्लीडिंग रिस्क वाले मरीज

  • जहां स्थायी इम्प्लांट से बचना हो

यूरोपीय दिशानिर्देशों में भी इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस के इलाज में ड्रग-कोटेड बैलून को प्राथमिक विकल्प माना गया है।

सीमाएं भी हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है। बड़ी, जटिल या भारी कैल्सीफाइड धमनियों में अभी भी स्टेंट अधिक भरोसेमंद माने जाते हैं। तीव्र हार्ट अटैक के कई मामलों में आधुनिक ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट फिलहाल प्राथमिक उपचार बने हुए हैं।

इसलिए सही मरीज का चयन और अनुभवी डॉक्टर का हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण है।

भारत में बढ़ता इस्तेमाल

देश में हृदय रोग के बढ़ते बोझ और इंटरवेंशनल तकनीकों की प्रगति के साथ ड्रग-एल्यूटिंग बैलून का उपयोग भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कई कार्डियक सेंटर खासकर रेस्टेनोसिस और हाई-ब्लीडिंग-रिस्क मरीजों में इस तकनीक को अपना रहे हैं।

निष्कर्ष

ड्रग-एल्यूटिंग बैलून एंजियोप्लास्टी दिल के इलाज में एक महत्वपूर्ण और आधुनिक विकल्प बनकर उभर रही है। हालांकि यह हर मरीज के लिए स्टेंट का पूर्ण विकल्प नहीं है, लेकिन चुने हुए मामलों में यह सुरक्षित, प्रभावी और “स्टेंट-फ्री” समाधान दे सकती है। आने वाले समय में इसके और मजबूत क्लिनिकल प्रमाण इस तकनीक की भूमिका को और स्पष्ट करेंगे।

भारत में ड्रग-एल्यूटिंग बैलून (DEB) की कीमत और एंजियोप्लास्टी का खर्च

दिल की एंजियोप्लास्टी में अब ड्रग-एल्यूटिंग बैलून (Drug-Eluting Balloon) एक आधुनिक विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। मरीजों के लिए सबसे बड़ा सवाल होता है—इसका खर्च कितना आता है? नीचे इसका सरल और व्यावहारिक खर्च विवरण दिया गया है।

ड्रग-एल्यूटिंग बैलून की कीमत (केवल डिवाइस)

  • एक DEB बैलून की कीमत: लगभग ₹30,000 – ₹40,000

  • कई भारतीय अस्पतालों में इसकी कीमत आधुनिक स्टेंट के आसपास ही होती है।

भारत में DEB एंजियोप्लास्टी का कुल खर्च

अनुमानित पैकेज लागत:

  • ड्रग-एल्यूटिंग बैलून एंजियोप्लास्टी: ₹2,00,000 – ₹3,50,000

  • साधारण बैलून एंजियोप्लास्टी: ₹80,000 – ₹1,50,000

  • स्टेंट वाली एंजियोप्लास्टी: ₹2,00,000 – ₹4,50,000

(अस्पताल, शहर और केस की जटिलता के अनुसार खर्च बदल सकता है)


 त्वरित तुलना

प्रक्रिया अनुमानित खर्च
साधारण बैलून एंजियोप्लास्टी ₹80,000 – ₹1.5 लाख
ड्रग-एल्यूटिंग बैलून एंजियोप्लास्टी ₹2 – ₹3.5 लाख
ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट एंजियोप्लास्टी ₹2 – ₹4.5 लाख

 शहर के अनुसार संभावित खर्च

  • टियर-2 शहर (जैसे पटना, रांची): ₹1.5 – ₹2.5 लाख

  • मेट्रो अस्पताल: ₹2.5 – ₹4 लाख

  • इमरजेंसी केस: ₹5 लाख या अधिक भी हो सकता है


 पैकेज में क्या-क्या शामिल रहता है

✔ कैथ लैब चार्ज
✔ कार्डियोलॉजिस्ट की फीस
✔ ड्रग-एल्यूटिंग बैलून
✔ 1 दिन ICU/CCU
✔ दवाएं और डिस्पोजेबल
✔ बेसिक जांच

अक्सर शामिल नहीं होता:

❌ अतिरिक्त ICU दिन
❌ जटिलता का इलाज
❌ एक से ज्यादा बैलून की जरूरत

 खर्च किन बातों पर निर्भर करता है

अंतिम बिल इन कारकों से बदल सकता है:

  • ब्लॉकेज की संख्या
  • कितने बैलून लगे
  • अस्पताल का प्रकार
  • शहर
  • इमरजेंसी या प्लान्ड प्रक्रिया
  • मरीज की स्थिति
  • इंश्योरेंस कवरेज

निष्कर्ष

  • DEB बैलून कीमत: लगभग ₹30–40 हजार

  • कुल एंजियोप्लास्टी खर्च: लगभग ₹2–3.5 लाख

  • अंतिम लागत: मरीज और अस्पताल के अनुसार बदलती है

ड्रग-एल्यूटिंग बैलून एंजियोप्लास्टी एक उभरता हुआ स्टेंट-फ्री विकल्प है, लेकिन सही लागत जानने के लिए मरीज को अपने अस्पताल से व्यक्तिगत अनुमान अवश्य लेना चाहिए।

Ashis Sinha

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