अमेरिका (US) के स्टेल्थ (Stealth) लड़ाकू विमानों और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ने वेनेज़ुएला में रूसी-चीनी एयर डिफेंस को कैसे किया निष्क्रिय

अमेरिका (US) के स्टेल्थ (Stealth) लड़ाकू विमानों और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ने वेनेज़ुएला में रूसी-चीनी एयर डिफेंस को कैसे किया निष्क्रिय
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काराकस / वॉशिंगटन: वेनेज़ुएला में हुए एक सुनियोजित सैन्य अभियान में अमेरिका (US) ने अपने अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट्स और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम का इस्तेमाल कर रूसी और चीनी तकनीक से लैस एयर डिफेंस नेटवर्क को गंभीर रूप से बाधित कर दिया। शुरुआती चरण में ही रडार और कमांड सिस्टम को “अंधा” कर दिए जाने से वेनेज़ुएला की वायु सुरक्षा प्रभावी प्रतिक्रिया देने में असमर्थ रही।

स्टेल्थ और इलेक्ट्रॉनिक हमले की निर्णायक भूमिका

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑपरेशन की रीढ़ स्टेल्थ तकनीक और तीव्र इलेक्ट्रॉनिक हमला था। कम रडार-दृश्यता वाले F-35 और F-22 जैसे विमानों ने लक्ष्य क्षेत्र में प्रवेश किया, जबकि इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्लेटफॉर्म्स ने रडार सिग्नल जाम किए, फर्जी संकेत पैदा किए और संचार नेटवर्क को बाधित किया।
इस “इलेक्ट्रॉनिक धुंध” के कारण एयर डिफेंस यूनिट्स वास्तविक और नकली लक्ष्यों में अंतर नहीं कर सकीं।

‘सेंसर-टू-शूटर’ चेन को तोड़ना

वेनेज़ुएला का एयर डिफेंस ढांचा रूसी मिसाइल सिस्टम और चीनी रडार-निगरानी उपकरणों पर आधारित है। ये प्रणालियां तभी प्रभावी होती हैं जब रडार, कमांड सेंटर और लॉन्च यूनिट्स के बीच डेटा का निर्बाध प्रवाह बना रहे।
अमेरिकी EW हमलों ने इसी कमजोर कड़ी को निशाना बनाया—सेंसर और हथियारों के बीच संपर्क तोड़ा गया, जिससे नेटवर्क बिखर गया और समन्वित प्रतिक्रिया लगभग असंभव हो गई।

इलेक्ट्रॉनिक दबाव के बाद सटीक हमले

रडार और कमांड सिस्टम के निष्क्रिय होते ही चुनिंदा एयर डिफेंस ठिकानों और नियंत्रण केंद्रों पर सटीक हमले किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रणनीति—पहले जामिंग, फिर प्रिसिजन स्ट्राइक—आधुनिक युद्ध में एकीकृत एयर डिफेंस को तेजी से ध्वस्त करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

रूसी-चीनी सिस्टम क्यों लड़खड़ाए

विशेषज्ञ बताते हैं कि निर्यात संस्करणों में अक्सर उन्नत काउंटर-इलेक्ट्रॉनिक क्षमताएं सीमित होती हैं। रखरखाव की चुनौतियां, प्रशिक्षण की कमी और सिस्टम इंटीग्रेशन की कमजोरियां भी प्रभावशीलता घटाती हैं।
वेनेज़ुएला के मामले में अलग-अलग पीढ़ियों के सिस्टम एक मजबूत, लचीले नेटवर्क के रूप में काम नहीं कर पाए।

रणनीतिक और भू-राजनीतिक असर

इस घटनाक्रम ने आधुनिक युद्ध में इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम के नियंत्रण की अहमियत को फिर रेखांकित किया है। साथ ही, उन देशों के लिए चेतावनी भी है जो आयातित एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत सुरक्षा कवच मानते हैं।
राजनीतिक स्तर पर, रूस और चीन ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है, जबकि वैश्विक स्तर पर एयर डिफेंस नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित बनाने की कोशिशें तेज होने की संभावना है।

निष्कर्ष

यदि उपलब्ध जानकारियां सही हैं, तो वेनेज़ुएला में हुआ यह ऑपरेशन 21वीं सदी के युद्ध का स्पष्ट संकेत देता है—जहां रडार और नेटवर्क को अंधा करना, सीधे हमले से पहले ही लड़ाई का रुख तय कर देता है। इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और स्टेल्थ की संयुक्त शक्ति ने दिखा दिया कि आधुनिक युद्ध में अदृश्यता और सिग्नल नियंत्रण कितने निर्णायक हो सकते हैं।

Ashis Sinha

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