‘चिट्ठी न कोई संदेश जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गये….’

# गज़ल गायक जगजीत सिंह व शायर निदा फाजली की याद में सजी सुरों की मेहफिल

बोकारो। सुप्रसिद्ध गज़ल गायक जगजीत सिंह की जयंती व मशहूर शायर निदा फाजली की पुण्यतिथि पर सोमवार की शाम सेक्टर 12 में संगीत संध्या आयोजित कर कलाकारों ने उन्हें सुरमयी श्रद्धांजलि दी। गायक अरुण पाठक ने कहा कि गज़ल सम्राट जगजीत सिंह सशरीर आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी मखमली आवाज़ का जादू सदैव कायम रहेगा। उनके गाये मधुर गीत उनकी मौजूदगी का ऐहसास कराते रहेंगे। निदा फाजली ने शायरी के क्षेत्र में खास मुकाम हासिल की वहीं उनके लिखे फिल्मी गीत भी काफी लोकप्रिय हुए। अरुण ने शायर निदा फाजली से अपनी मुलाकात का जिक्र भी किया। जगजीत सिंह के शिष्य रहे संगीतज्ञ जय प्रकाश सिन्हा ने उनसे जुड़े संस्मरण साझा किए।
उन्होंने कहा कि गज़ल गायकी के सिरमौर जगजीत सिंह जी से उन्हें काफी कुछ सीखने का अवसर मिला। नीरज चैधरी ने कहा कि जगजीत सिंह के गज़लों की दीवानी सारी दुनिया है। रमण कुमार ने भी जगजीत सिंह की गायकी व निदा फाजली की शायरी व गीतों को बेमिसाल बताया।
गायक अरुण पाठक ने ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है…’, ‘होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो…’, ‘ये दौलत भी ले ये शोहरत भी ले लो…’, जयप्रकाश सिन्हा ने ‘होश वालों को खबर क्या…’, ‘तेरे आने की खबर महके, तेरी खुशबू से सारा घर महके…’, की सुमधुर प्रस्तुति से सबको आंनदित किया। रमण कुमार ने ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया..’ व ‘झुकी-झुकी सी नज़र…’ सुनाकर श्रद्धांजलि दी।

 

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