वर्ष 2030 तक भारत का 100 मिलियन टन कोल गैसीफिकेशन करने का लक्ष्यः प्रल्हाद जोशी

धनबाद। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि 04 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के साथ भारत ने वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन (एमटी) कोल गैसीफिकेशन करने का लक्ष्य रखा है। वे आज कोल गैसीफिकेशन एवं लिक्विफैक्शन पर कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित एक वेबीनार को संबोधित कर रहे थे।

इस (100 एमटी कोल गैसीफिकेशन) लक्ष्य को हासिल करने हेतु एक रोडमैप तैयार करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में जोशी ने कहा कि कोल गैसीफिकेशन एवं लिक्विफैक्शन अब एक महत्वाकांक्षा मात्र नहीं है, बल्कि आज के समय की जरूरत है। ईंधन के क्लीन स्रोतों के अधिकाधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कोल गैसीफिकेशन में इस्तेमाल होने वाले कोयले के राजस्व को साझा करने में 20ः की छूट देने का प्रावधान किया है। इससे सिंथेटिक नैचुरल गैस, एनर्जी फ्यूल, बतौर उर्वरक उपयोग हेतु यूरिया और दूसरे रसायनों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

कोयला क्षेत्र में ग्रीन एवं क्लीन टेक्नॉलजी के उपयोग को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए जोशी ने कहा कि कोल गैसीफिकेशन एवं लिक्विफैक्शन सरकार की प्राथमिकता में हैं और भारत में सरफेस कोल गैसीफिकेशन के विकास हेतु कई कदम उठाए गए हैं। इस संबंध में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें कोयला मंत्रालय के सदस्य भी शामिल हैं। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की कम से कम 03 कोल गैसीफिकेशन प्लांट्स (दानकुनि के अतिरिक्त) लगाने की योजना है और कंपनी ने सिंथेटिक नैचुरल गैस की मार्केटिंग के लिए गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के साथ एक एमओयू किया है।

जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से इस क्षेत्र में देश की खूबियों एवं खामियों को मद्देनजर रखते हुए कोल गैसीफिकेशन क्षेत्र से जुड़े तकनीकी एवं दूसरे आयामों की छानबीन करने का आह्वान किया। इससे हमें वैश्विक मानकों के अनुरूप निरंतरता के साथ देश के कोयला भंडार का अधिकतम उपयोग करने में मदद मिलेगी।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत, भारत सरकार के सचिव (कोयला) अनिल कुमार जैन, सीआईएल के निदेशक (तकनीकी) बिनय दयाल, सीआइएमएफआर के निदेशक डॉ. पी के सिंह, पीडीआइएल के महाप्रबंधक आशुतोष प्रसाद, जेएसपील के चेयरमैन नवीन जिंदल, मुंदरा सिनर्जी के सीईओ राजेश झा, जेएसपीएल के एमडी डॉ. वी आर शर्मा, ट्रू नॉर्थ वेंचर्स के पार्टनर डॉ. देव गावस्कर, एयर प्रोडक्टस के ग्रुप वीपी बॉब कार्टर, एयर प्रोडक्टस के टेक्निकल मैनेजर रॉबर्ट वान डेन बर्ग और कोयला मंत्रालय के समन्वयक पीयूष कुमार ने भी वेबीनार को संबोधित किया।

कार्यक्रम में भारत सरकार एवं कोल इंडिया के अधिकारियों और कोयला क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों एवं प्रतिनिधियों सहित लगभग 700 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

 

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