जीवनयापन खर्च बढ़ने से अमेरिकी परेशान
News Desk: प्यू रिसर्च सेंटर के एक नए अध्ययन के अनुसार, अमेरिका में स्वास्थ्य (Health) सेवाओं, खाने-पीने (Food) की चीज़ों और आवास (Housing) की बढ़ती लागत आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है, और इसी के साथ अर्थव्यवस्था को लेकर उनका भरोसा भी कमजोर बना हुआ है।
सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि बड़ी आबादी अभी भी आर्थिक हालात को सकारात्मक नजर से नहीं देखती। कम लोगों ने मौजूदा स्थिति को अच्छा बताया, जबकि बहुमत ने इसे सामान्य या खराब माना — यह दर्शाता है कि रोजमर्रा के खर्चों का दबाव लोगों की आर्थिक धारणा को सीधे प्रभावित कर रहा है।
सबसे ज्यादा चिंता स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को लेकर सामने आई, जिसे बड़ी संख्या में उत्तरदाताओं ने गंभीर मुद्दा बताया। इसके बाद खाद्य वस्तुओं और उपभोक्ता सामान की कीमतें रहीं, जिन पर व्यापक चिंता जताई गई। आवास खर्च भी पीछे नहीं रहा — किराया और मकान से जुड़ी लागतों ने घरेलू बजट पर भारी बोझ डाला है।
बिजली और ईंधन जैसे अन्य खर्च भी चिंता में शामिल हैं, लेकिन नौकरी के अवसर या शेयर बाजार जैसे आर्थिक संकेतक प्राथमिक सूची में नीचे रहे। इससे स्पष्ट होता है कि आम नागरिक के लिए अर्थव्यवस्था का असली पैमाना रोजमर्रा की लागत ही है।
भविष्य को लेकर भी तस्वीर मिश्रित है। एक बड़ा वर्ग आने वाले महीनों में हालात बिगड़ने की आशंका जता रहा है, जबकि कुछ लोग सुधार की उम्मीद रखते हैं। अध्ययन में राजनीतिक आधार पर आर्थिक नजरिये में अंतर भी सामने आया — समर्थकों में अपेक्षाकृत आशावाद और आलोचकों में बढ़ती लागत को लेकर ज्यादा चिंता दिखी।
कुल मिलाकर, प्यू अध्ययन संकेत देता है कि अमेरिका में आर्थिक स्थिति का आकलन व्यापक आंकड़ों से अधिक घरेलू खर्चों की वहनीयता से तय हो रहा है। जब तक स्वास्थ्य, भोजन और आवास की लागत काबू में नहीं आती, तब तक महंगाई का दबाव सार्वजनिक बहस और नीति विमर्श के केंद्र में बना रहने की संभावना है।

