News Desk: भारत में पहली बार कुख्यात सिंथेटिक ड्रग ‘ (Synthetic Drug) कैप्टागन’ (Captagon) की बड़ी खेप पकड़ी गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने “ऑपरेशन RAGEPILL” के तहत अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट और पाउडर जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस कार्रवाई में एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियों का मानना है कि भारत का इस्तेमाल मिडिल ईस्ट तक ड्रग्स पहुंचाने के ट्रांजिट रूट के तौर पर किया जा रहा था।
क्या है कैप्टागन (Captagon)?
कैप्टागन एक खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जिसमें फेनेटाइलिन और एम्फेटामाइन जैसे प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक पदार्थ पाए जाते हैं। भारत में यह NDPS Act के तहत पूरी तरह गैरकानूनी है।
पिछले कुछ वर्षों में यह ड्रग पश्चिम एशिया के संघर्षग्रस्त इलाकों और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क से जुड़े होने के कारण चर्चा में रही है। कई देशों में इसे “जिहादी ड्रग” के नाम से भी जाना जाता है।
विदेशी इनपुट से शुरू हुआ ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत विदेशी ड्रग-रोधी एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के बाद हुई। इनपुट मिला था कि एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह भारत के रास्ते कैप्टागन की खेप खाड़ी देशों तक भेज रहा है।
इसके बाद NCB ने दिल्ली के नेब सराय इलाके में एक किराए के मकान पर 11 मई को छापा मारा।
PHOTO | Union Home Minister Amit Shah congratulated the NCB for successfully carrying out ‘Operation RAGEPILL’, through which agencies made India’s first-ever seizure of Captagon, a psychotropic substance used in the Middle East region.
During the operation, 227.7 kg of Captagon… pic.twitter.com/Lbyq5Ngc5K
— Press Trust of India (@PTI_News) May 16, 2026
चपाती मशीन में छिपाकर रखी गई थी ड्रग्स
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने एक कमर्शियल चपाती-कटिंग मशीन के अंदर छिपाकर रखी गई 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की। शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप सऊदी अरब के जेद्दा भेजी जानी थी।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार सीरियाई नागरिक नवंबर 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन जनवरी 2025 में वीजा खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रहा था।
मुंद्रा पोर्ट से मिला दूसरा बड़ा कंसाइनमेंट
पूछताछ के दौरान आरोपी ने गुजरात के जरिए आने वाली एक और खेप के बारे में जानकारी दी। इसके बाद NCB ने गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन पर एक कंटेनर की तलाशी ली।
यहां अधिकारियों ने 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया। यह खेप सीरिया से भेजी गई थी और आधिकारिक दस्तावेजों में इसे भेड़ की ऊन बताया गया था। जांच के दौरान ऊन के नीचे छिपाए गए बैगों से ड्रग्स बरामद की गई।
भारत को ट्रांजिट हब बनाने की साजिश
अधिकारियों का मानना है कि यह सिंडिकेट अंतरराष्ट्रीय कार्गो और कंटेनर नेटवर्क का इस्तेमाल कर ड्रग्स की तस्करी कर रहा था ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
हाल के महीनों में कंटेनर के जरिए कोकीन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद यह मामला भारत के बंदरगाहों और कार्गो रूट्स के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
अमित शाह ने की एजेंसियों की सराहना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को “ड्रग-फ्री इंडिया” अभियान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और देश की जमीन का इस्तेमाल ड्रग तस्करी के लिए किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
Modi govt is resolved for a ‘Drug-Free India’.
Glad to share that through ‘Operation RAGEPILL’, our agencies have achieved the first-ever seizure of Captagon, the so-called “Jihadi Drug”, worth ₹182 crore.
The busting of the drug consignment destined for the Middle East and…
— Amit Shah (@AmitShah) May 16, 2026
हवाला नेटवर्क और विदेशी लिंक की जांच तेज
NCB अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हवाला चैनल, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर, फाइनेंशियल ट्रेल, सप्लाई सोर्स और विदेशों में बैठे रिसीवर्स की जांच में जुटी है। एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए इस ट्रांसनेशनल ड्रग सिंडिकेट के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ एक ड्रग्स बरामदगी नहीं बल्कि भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नार्को-नेटवर्क का खुलासा है। इसे देश की एंटी-नारकोटिक्स कार्रवाई में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

