News Desk: फ्रांस यात्रा के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दोस्ती एक बार फिर चर्चा में आ गई। इस बार वजह बनी मैक्रों की हिंदी में दी गई भावुक विदाई, जिसने भारत और फ्रांस के मजबूत रिश्तों को नई प्रतीकात्मक ऊंचाई दे दी।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को विदाई देते हुए सोशल मीडिया पर हिंदी में संदेश साझा किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “प्रिय मित्र, फ्रांस-भारत की दोस्ती अमर रहे!” उनके इस संदेश ने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों और दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को उजागर किया।
Priye mitr @NarendraModi. pic.twitter.com/BXPVenkrXi
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) June 18, 2026
प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में फ्रांस के नीस (Nice) शहर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों के साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ (Bharat Innovates 2026) कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें भारत और फ्रांस के स्टार्टअप, निवेशक, शोधकर्ता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। इस आयोजन का उद्देश्य नवाचार, प्रौद्योगिकी और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाना था।
🚨BIG NEWS – French President Macron accepts PM Modi’s invite to visit India.
Macron to Modi ji : “Spending time with you means a lot to me.” https://t.co/Wpb4szyDb7 pic.twitter.com/5s6L0kf04x
— Amitabh Chaudhary (@MithilaWaaala) June 18, 2026
दौरे के दौरान मोदी और मैक्रों के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। दोनों देशों ने डिजिटल भुगतान, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और तकनीक सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों ने 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए और फ्रांस में भारत के यूपीआई (UPI) नेटवर्क के विस्तार पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रही। फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर उन्होंने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
मैक्रों का हिंदी में दिया गया संदेश ऐसे समय आया है जब भारत और फ्रांस के संबंध रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्रों में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। कूटनीतिक हलकों में इसे केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता और भरोसे का प्रतीक माना जा रहा है।
फ्रांस से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भी राष्ट्रपति मैक्रों के आतिथ्य और गर्मजोशी के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं की लगातार बढ़ती नजदीकियां यह संकेत देती हैं कि आने वाले वर्षों में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत होने वाली है।

