- तुलसी गैबार्ड (Tulsi Gabbard) ने जारी किए कोविड-19 (COVID-19) से जुड़े नए दस्तावेज, वुहान लैब (Wuhan Lab) पर बहस फिर तेज
- DNI ने सार्वजनिक किए नए दस्तावेज
वॉशिंगटन: अमेरिका (US) की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गैबार्ड ने कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति से जुड़े कई नए अवर्गीकृत (Declassified) दस्तावेज जारी किए हैं। गैबार्ड का दावा है कि ये दस्तावेज पहले कभी सार्वजनिक नहीं किए गए थे और इनमें चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) तथा अमेरिकी वित्तपोषित शोध कार्यक्रमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं।
इन दस्तावेजों को अमेरिकी खुफिया निदेशक कार्यालय (ODNI) ने सार्वजनिक किया है। इसके बाद कोविड-19 की उत्पत्ति को लेकर लंबे समय से चल रही बहस एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
दस्तावेजों में क्या दावे किए गए हैं?
ODNI के अनुसार, जारी रिकॉर्ड्स में ऐसे दस्तावेज, ई-मेल और आंतरिक संवाद शामिल हैं जो वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में हुए कुछ कोरोना वायरस शोध कार्यक्रमों तथा उनसे जुड़े अमेरिकी वित्तपोषण पर प्रकाश डालते हैं।
दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि महामारी की उत्पत्ति को लेकर अमेरिकी एजेंसियों के भीतर हुई चर्चाओं और आकलनों से संबंधित कुछ जानकारियां पहले सार्वजनिक नहीं की गई थीं।
डॉ. एंथनी फाउची पर सवाल
जारी दस्तावेजों में पूर्व NIAID निदेशक डॉ. एंथनी फाउची का भी उल्लेख है। गैबार्ड के कार्यालय ने आरोप लगाया है कि फाउची ने वुहान लैब से जुड़े कुछ शोध कार्यक्रमों के बारे में कांग्रेस को पूरी जानकारी नहीं दी थी।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये आरोप अभी भी विवादित हैं और किसी अदालत या स्वतंत्र जांच एजेंसी ने फाउची के खिलाफ किसी गलत कार्य को प्रमाणित नहीं किया है। फाउची पहले भी ऐसे आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
कोविड की उत्पत्ति पर अब भी नहीं बनी सहमति
कोविड-19 की शुरुआत आखिर कैसे हुई, यह सवाल आज भी पूरी तरह सुलझा नहीं है। अमेरिकी खुफिया समुदाय की विभिन्न एजेंसियों की राय इस मुद्दे पर अलग-अलग रही है।
कुछ एजेंसियां मानती हैं कि प्रयोगशाला से जुड़ी दुर्घटना एक संभावित कारण हो सकती है, जबकि अन्य एजेंसियां प्राकृतिक रूप से पशुओं से इंसानों में वायरस फैलने की संभावना को अधिक महत्व देती हैं। कई एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।
चीन ने फिर खारिज किए आरोप
चीन लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि कोविड-19 वायरस वुहान लैब से निकला था। चीनी अधिकारियों का कहना है कि लैब-लीक सिद्धांत राजनीतिक रूप से प्रेरित है और महामारी की उत्पत्ति का निर्धारण केवल वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
तुलसी गैबार्ड ने कहा है कि इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और महामारी से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर जनता को अधिक जानकारी उपलब्ध कराना है।
हाल के महीनों में गैबार्ड का कार्यालय जैविक अनुसंधान, विदेशी प्रयोगशालाओं और महामारी से जुड़े कई अन्य रिकॉर्ड भी सार्वजनिक कर चुका है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खुलासा?
कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रभावित किया और लाखों लोगों की जान ली। ऐसे में महामारी की वास्तविक उत्पत्ति को लेकर उठने वाले हर नए सवाल का वैश्विक महत्व है।
तुलसी गैबार्ड द्वारा जारी किए गए ये दस्तावेज आने वाले दिनों में वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, सांसदों और खुफिया विशेषज्ञों के बीच नई बहस को जन्म दे सकते हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों के बावजूद कोविड-19 की उत्पत्ति को लेकर अंतिम और सर्वमान्य निष्कर्ष अभी भी सामने नहीं आया है

