झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली-2021 प्रस्ताव को मंजूरी दी, अब मंत्रिमंडल की ली जाएगी स्वीकृति

Hemant Soren Faces Major Setback as PMLA Court Rejects Discharge Plea in Badgai Land Case

रांची। यह योजना मीडिया प्रतिनिधियों के लिए ग्रुप बीमा के रूप में लागू होगी, बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि सहित उसके पति / पत्नी एवं 21 वर्ष की आयु के दो अविवाहित एवं निर्भर संतान को लाभ मिलेगा

झारखंड राज्य में कार्यरत मीडिया प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ा जाएगा. मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस बाबत सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली-2021 के गठन और संलेख प्रारुप प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है.  इस संलेख प्रस्ताव प्रस्ताव पर अब मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जाएगी.

इन मीडिया प्रतिनिधियों को मिलेगा लाभ

इस योजना नियमावली के तहत मीडिया कर्मियों का अभिप्राय वैसे लोगों से है, जो प्रधान संपादक, समाचार संपादक, उप संपादक , पत्रकार, छाया पत्रकार, वीडियोग्राफर पत्रकार और समाचार व्यंगकार चित्रकार आदि हैं जो किसी दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक, टैबलॉयड समाचार पत्र, पत्रिका समाचार एजेंसी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यू मीडिया (सामाचार आधारित वेब साइट्स/ वेब पोर्टल) में कार्य कर रहे हों तथा दि वर्किग जर्नलिस्ट एंड अदर न्यूज पेपर इंप्लाई (कंडिसन्स ऑफ सर्विस) एंड मिसलिनियस प्रॉविजन्स एक्ट 1985 से परिभाषित किए गए हों. यह योजना अधिसूचना जारी होने के दिन से प्रभावी होगी.

प्रीमियम राशि का 80 प्रतिशत राज्य सरकार तथा 20 प्रतिशत मीडिया प्रतिनिधि वहन करेंगे

झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली -2021  मीडिया प्रतिनिधियों के लिए ग्रुप बीमा के रूप में लागू होगी. बीमा लागू होने की तिथि से बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि सहित उसके पति / पत्नी एवं 21 वर्ष की आयु के दो अविवाहित एवं निर्भर संतान को लाभ मिलेगी. इसमें नियत प्रीमियम राशि का भुगतान राज्य सरकार तथा बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि के द्वारा क्रमशः 80 तथा 20 के अनुपात में किया जाएगा।

पांच लाख रुपए का होगा बीमा

बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि का  व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पांच लाख रुपए का होगा. इसके अतिरिक्त उनके आश्रितों एवं सभी बीमितों को ग्रुप मेडिक्लेम विषयक भी कुल पांच लाख रुपए तक के चिकित्सा खर्च की सुविधा प्रदान की जाएगी. यह बीमा योजना एक वर्ष के लिए मान्य होगा औऱ साथ ही प्रतिवर्ष नवीनीकरण का भी प्रावधान होगा. वहीं, इस योजना के अंतर्गत बीमाधारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके नाम निर्देशित सदस्य अथवा स्थायी रुप से निःशक्त होने होने पर स्वयं बीमा धारक के दावे का निम्न प्रावधान किया गया है.

1 -दावा हेतु अवधारित प्रपत्र में सूचना

2- पुलिस थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर की प्रति

3- यथा आवश्यक पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र

4- मृत्यु प्रमाण पत्र

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