Bokaro Sadar Hospital में ₹17.95 लाख की Anaesthesia मशीन खरीद पर बड़ा सवाल, कांग्रेस ने ACB जांच की मांग

Bokaro Sadar Hospital में ₹17.95 लाख की Anaesthesia मशीन खरीद पर बड़ा सवाल, कांग्रेस ने ACB जांच की मांग
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अनिल चंद्रा

बोकारो: बोकारो सदर अस्पताल (Bokaro Sadar Hospital) में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए खरीदी गई एनेस्थीसिया (Anaesthesia ) मशीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बोकारो जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष देवाशीष मंडल ने खरीद प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए झारखंड के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

एसीबी, रांची के अपर पुलिस महानिदेशक को 4 जुलाई 2026 को भेजे गए मांग पत्र में मंडल ने दावा किया है कि 16 मार्च 2025 को GeM पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई एनेस्थीसिया मशीन, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹8.30 लाख थी, उसे ₹17.95 लाख में खरीदा गया। उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस खरीद में लगभग ₹9.65 लाख का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।

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मांग पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में GeM पोर्टल की शुरुआत सरकारी खरीद को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से की थी। लेकिन आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों ने इस व्यवस्था की भावना के विपरीत जाकर कथित रूप से बाजार मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर उपकरणों की खरीद की।

देवाशीष मंडल ने आशंका जताई कि संबंधित अधिकारियों के कार्यकाल में GeM पोर्टल के जरिए हुई अन्य खरीद में भी इसी प्रकार की अनियमितताएं हो सकती हैं। उन्होंने तत्कालीन बोकारो सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए पूरे खरीद रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस नेता ने एसीबी से संबंधित अवधि के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा GeM पोर्टल से खरीदे गए सभी चिकित्सा उपकरणों और अन्य सामग्रियों की व्यापक जांच कराने तथा वित्तीय अनियमितता साबित होने पर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल ये सभी आरोप एसीबी को सौंपे गए मांग पत्र में लगाए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग या एसीबी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

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